विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 19, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

खेत में सूख रहा गन्ना, ओने पौने भाव लगा रहे बिचौलिए

By JagranEdited By:
Published: Tue, 19 Jan 2021 12:15 AM (IST)

सीतामढ़ी। सीमावर्ती क्षेत्र के नेपाल में गन्ना जाने से रोकने एवं रीगा चीनी मिल के बंद होने के का

खेत में सूख रहा गन्ना, ओने पौने भाव लगा रहे बिचौलिए
खेत में सूख रहा गन्ना, ओने पौने भाव लगा रहे बिचौलिए

सीतामढ़ी। सीमावर्ती क्षेत्र के नेपाल में गन्ना जाने से रोकने एवं रीगा चीनी मिल के बंद होने के कारण किसान हलकान हैं। खासकर रीगा मिल के रिजर्व क्षेत्र के किसानों के सामने भुखमरी की समस्या उत्पन्न हो गई है। नवंबर माह से ही ईख पेराई सत्र शुरू हो जाता था। लेकिन, जनवरी के अंतिम सप्ताह में भी पेराई शुरू नहीं होने सरकार एवं ईखविभाग के अधिकारियों के आदेश के बावजूद भी गोपालगंज सिधवलिया सहित दूसरे चीनी मिलों के सेंटर नहीं खुलने के कारण किसान खेत में सूख रहे ईख काटकर फेंकने एवं जलाने को मजबूर हैं। स्थानीय किसान चंदेश्वर नारायण सिंह बताते हैं कि पूर्व में गोपालगंज चीनी मिल द्वारा सरकारी दर से गन्ना मूल्य का भुगतान होता था। भाड़ा के रूप में प्रति क्विटल 40 रुपये देने की बात कही गई पर जब यहां से किसान अपने ट्रैक्टर पर करीब 75 से 80 लीटर डीजल फूंक कर चीनी मिल पहुंचे। तो वहां उन्हें निम्न प्रभेद के गान्ना बता कर भाड़ा की राशि भी नहीं दिया जा रहा है । लिहाजा किसानों के सामने अंधेरा है। कुछ बिचौलिए गन्ना की खरीद 120 रुपये प्रति क्विटल कर रहे हैं। जबकि कटाई के लिए 40 रुपये प्रति क्विटल व तौल केंद्र तक ईख पहुंचने के लिए 40 रुपये प्रति क्विटल भाड़ा देना पड़ता है तो किसान को अपने ईख के लिए महज 20 रुपये क्विटल बच रहा है। वही दर्जनों किसानों ने का कहना है कि सीमावर्ती नेपाल में कई चीनी मिल है जहां गन्ना मूल्य उचित दर पर एवं नकदी दिया जा रहा है। लेकिन, स्थानीय थाना एवं एसएसबी के जवानों द्वारा गाड़ी जाने से रोका जा रहा है। जिस कारण किसान काफी चितित है। किसान नेता एवं पूर्व सरपंच रामानंद सिंह, अमरनाथ सिंह, गुणानंद चौधरी, रामाधार महतो, विजय कुमार सिंह, दिनेश कापर, राम इकबाल साह, जय नारायण महतो, दिनेश कुशवाहा सहित दर्जनों किसानों ने जिलाधिकारी से इस समस्या के समाधान के लिए गुहार लगाई है। कहा है कि किसानों को या तो उचित मूल्य दिलवाया जाए अथवा बॉर्डर पर एसएसबी द्वारा गन्ना नहीं रोकने के लिए आदेश दिया जाए। जिससे किसानों का गन्ना कट सके। मालूम हो कि रीगा चीनी मिल के रिजर्व क्षेत्र में 45000 हेक्टेयर गन्ना उच्च प्रभेद के हैं। समय से नहीं काटने के कारण गन्ना खेत में सूख रहा है।