अवैध खनन रोकने के लिए जिले में बनेंगे पुलिस आउट पोस्ट

रोहतास। अवैध खनन को हर हाल में रोकने के लिए जिला प्रशासन की पहल पर सरकार ने तीन जगहा

By JagranEdited By: Publish:Tue, 07 Jul 2020 05:14 PM (IST) Updated:Tue, 07 Jul 2020 05:38 PM (IST)
अवैध खनन रोकने के लिए जिले में बनेंगे पुलिस आउट पोस्ट
अवैध खनन रोकने के लिए जिले में बनेंगे पुलिस आउट पोस्ट

रोहतास। अवैध खनन को हर हाल में रोकने के लिए जिला प्रशासन की पहल पर सरकार ने तीन जगहों पर पुलिस आउट पोस्ट बनाने की हरी झंडी दे दी है। इन चौकियों पर 24 घंटे पुलिस अधिकारी, चालक से ले सिपाही तक की तैनाती के लिए 222 पद स्वीकृत किए गए हैं। अवैध खनन के साथ उसकी ढुलाई पर लगाम लगाने के लिए पुलिस महानिदेशालय द्वारा मुफस्सिल थाना क्षेत्र के धौड़ाढ, अदमापुर और करवंदिया में तीन पुलिस ओपी स्थापित करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इन तीनों ओपी में पुलिस अवर निरीक्षक व सहायक अवर निरीक्षक के 12-12 पद, सिपाही सशस्त्र बल के 180 पद, सिपाही साधारण बल के 12 पद और चालक सिपाही के 6 पद होंगे। विभाग ने सृजित कुल पदों पर वार्षिक व्यय आठ करोड़ अठहतर लाख नौ हजार सात सौ छत्तीस रुपये का अनुमान लगाया है।

पुलिस अधिकारियों की मानें तो मुफस्सिल थाना का क्षेत्रफल बड़ा होने व इसी क्षेत्र में कैमूर पहाड़ी होने के कारण अवैध खनन और परिवहन पर पूरी तरह से रोक नहीं लग पा रही है। प्रतिबंधित पत्थर खनन क्षेत्र और वन सुरक्षित क्षेत्र का काफी हिस्सा इसी थाना के क्षेत्राधिकार में आता है। काफी लंबे समय से सासाराम शहर में चल रहे मुफस्सिल थाना को वर्ष 2019 में अमरातालाब में शिफ्ट कर दिया गया था, बावजूद अवैध खनन पर पूरी तरह रोक नहीं लग पाई। जिसके बाद जिला प्रशासन ने अदमापुर, करवंदिया व धौडाड़ में सहायक थाना बनाने का प्रस्ताव राज्य सरकार के पास भेजा था। सोमवार को पदवर्ग समिति की हुई बैठक में पदों का सृजन कर इसके निर्माण का रास्ता साफ कर दिया गया।

दो दशक से पत्थर माफिया के निशाने पर है अधिकारी

अवैध खनन को ले पुलिस, वन विभाग और खनन के अधिकारी पिछले दो दशकों से पत्थर माफिया के निशाने पर है। वर्ष 2002 में कैमूर पहाड़ी के रेहल गांव में तत्कालीन डीएफओ संजय सिंह और उसके पूर्व वर्ष 2000 में रोहतास रेंज में पदास्थित रेंजर वीर बहादुर राम की हत्या कैमूर के जंगलों में की गई थी। इसके बाद वर्ष 2012 में तत्कालीन एसपी मनु महराज पर मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पत्थर खदान क्षेत्र में जानलेवा हमला हुआ था। इस कड़ी में वर्ष 2019 में करवंदिया क्षेत्र में डीएओ प्रद्दुमन गौरव और 4 नवम्बर को वन विभाग की टीम पर धौड़ाढ में हमला जैसी घटनाओं की लंबी फेहरिस्त है। तीन वर्ष पूर्व अति सुरक्षित माने जाने वाले डीएफओ के सरकारी आवास पर भी पत्थर माफिया बमबारी कर दहशत फैला दिए थे।

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अवैध पत्थर खनन को रोकने के लिए मुफस्सिल थाना क्षेत्र के करवंदिया, अदमापुर व धौडाड़ में पुलिस आउटपोस्ट का प्रस्ताव पूर्व में दिया गया है। जिसपर सरकार की सहमति भी प्राप्त है। इसके निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी।

बुंदी मांझी

मुख्यालय डीएसपी

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