भागलपुर : सरकारी जमीन का कैसे हुआ दाखिल-खारिज?, पूर्व नाजिर व राजस्व कर्मी की भूमिका संदिग्‍ध

भागलपुर पूर्व नाजिर व राजस्व कर्मी पर कार्रवाई होना तय। सबौर अंचल के नाजिर व कहलगांव के राजस्व कर्मी मामले की सुनवाई पूरी। आगे की कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी के पास भेजी गई दोनों कर्मियों की फाइल।

By Dilip Kumar ShuklaEdited By: Publish:Mon, 27 Jun 2022 08:13 AM (IST) Updated:Mon, 27 Jun 2022 08:13 AM (IST)
भागलपुर : सरकारी जमीन का कैसे हुआ दाखिल-खारिज?, पूर्व नाजिर व राजस्व कर्मी की भूमिका संदिग्‍ध
भागलपुर समाचार : सरकारी जमीन की खरीद-बिक्री यहां खूब हो रहा है।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। भागलपुर समाचार : सबौर अंचल के पूर्व नाजिर कुमार सुदर्शन और कहलगांव अंचल के पूर्व राजस्व कर्मी विनोद कुमार सिंह के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही से संबंधित सुनवाई पूरी हो गई है। दोनों कर्मियों पर आगे की कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी के यहां फाइल भेज दी गई है। दोनों कर्मियों पर कार्रवाई होना तय माना जा रहा है। विभागीय जांच अधिकारी के मंतव्य के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान पकड़ी थी गड़बड़ी

जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने 22 जनवरी को सबौर अंचल का निरीक्षण किया था। इसकी पूर्व सूचना अपर समाहर्ता राजेश झा राजा द्वारा अंचल कार्यालय को दी गई थी। अंचल कार्यालय के निरीक्षण को पहुंचे जिलाधिकारी ने अंचलाधिकारी से रोकड़ पंजी दिखाने को कहा था। इस पर अंचलाधिकारी का कहना था कि लिपिक सह नाजिर कुमार सुदर्शन ने रोकड़ पंजी को अद्यतन नहीं किया है। रोकड़ पंजी उनके आवास पर है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम रहने के बावजूद रोकड़ पंजी के अद्यतन नहीं रहने और यह नाजिर के आवास पर रहने के मामले को जिलाधिकारी ने मनमानेपन, वित्तीय अनियमितता एवं अनुशासनहीनता मानते हुए तत्काल नाजिर कुमार सुदर्शन को निलंबित कर दिया था। साथ ही निलंबित अवधि में उनका मुख्यालय नारायणपुर अंचल कर दिया गया था। अंचलधिकारी को आदेश दिया गया था कि कुमार सुदर्शन के विरुद्ध रोकड़ पंजी का संधारण नहीं करने, रोकड़ पंजी को कार्यालय से भिन्न स्थलों पर रखने एवं वरीय पदाधिकारी के मांगे जाने पर ससमय उपलब्ध नहीं कराए जाने जैसे आरोप के लिए एक सप्ताह के अंदर साक्ष्य सहित आरोप पत्र गठित कर जिला स्थापना शाखा को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। पूरे प्रकरण में अंचल अधिकारी सबौर की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई थी। अंचल अधिकारी से तत्काल अंचल नाजिर द्वारा अंचल नजारत का रोकड़ पंजी निर्धारित स्थल से भिन्न रखे जाने से संबंधित बिन्दु पर पृच्छा किये जाने पर स्पष्ट जानकारी नहीं देने एवं अधीनस्थ कर्मियों पर पर्यवेक्षण का अभाव पाए जाने के आरोप में उन्हें आदेश दिया गया था कि पत्र प्राप्ति के एक सप्ताह के अंदर स्पष्टीकरण समर्पित करें। आरोप पत्र गठित होने के बाद से सुनवाई चल रही थी।

सरकारी जमीन का कर दिया दाखिल-खारिज

कहलगांव अंचल के तत्कालीन राजस्व कर्मी विनोद कुमार सिंह ने सरकारी जमीन का दाखिल-खारिज करते हुए लगान रसीद काट दिया। मामला समाने आने के बाद विभागीय कार्यवाही शुरू की गई। सुनवाई पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी के पास भेजा गया है।

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