चलती ट्रेन में अलार्म चेन खींच दी तो क्या होगा? जानिए कब ऐसा करना है सही और कब लग सकता है जुर्माना
भारतीय रेल से सफर करते समय डिब्बे में लटकती लाल रंग की इमरजेंसी चेन पर नजर जाना आम बात है। ...और पढ़ें

ट्रेन में चेन खींचने से पहले सावधान! (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। ट्रेन के सफर के दौरान डिब्बे में लटकती उस लाल रंग की 'अलार्म चेन' पर तो आपकी नजर जरूर गई होगी। उसे देखकर क्या कभी आपके मन में भी यह खुराफाती ख्याल आया है कि इसे खींचने पर आखिर होगा क्या? या फिर कभी प्लेटफॉर्म पर कुछ खरीद रहा कोई साथी पीछे छूट जाए, तो झट से उस चेन को खींचकर उसे बचाने का आइडिया बड़ा आसान लगता है।
कई लोग तो अपने मनपसंद स्टेशन पर उतरने की सहूलियत के लिए भी इस चेन का एक देसी जुगाड़ की तरह इस्तेमाल कर लेते हैं। मगर ध्यान रहे, आपका यह काम आपको जीले की हवा खिला सकता है। जी हां, भारतीय रेलवे के नजरिए से यह एक बेहद गंभीर अपराध है। आइए आसान शब्दों में समझते हैं कि बिना वजह ट्रेन रोकने पर रेलवे के नियम क्या कहते हैं और वो कौन से जायज मौके हैं जब आप बेझिझक इस चेन का इस्तेमाल कर सकते हैं।
बेवजह चेन खींचने पर क्या है सजा का प्रावधान?
अगर कोई यात्री बिना किसी ठोस इमरजेंसी के चेन पुलिंग करता है, तो रेलवे अधिनियम की धारा 141 के तहत उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई होती है। ध्यान रहे, इस अपराध में दोषी को एक साल तक की जेल हो सकती है। 1,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है और कई मामलों में जेल और जुर्माना दोनों हो सकते हैं। सबसे जरूरी बात कि यह क्रिमिनल रिकॉर्ड आपकी पुलिस वेरिफिकेशन में हमेशा के लिए दर्ज हो जाता है, जिससे भविष्य में सरकारी नौकरी पाने के रास्ते भी बंद हो सकते हैं।
किन स्थितियों में चेन खींचना बिल्कुल सही?
रेलवे प्रशासन भी समझता है कि हादसे कभी भी हो सकते हैं, इसलिए कुछ विशेष परिस्थितियों में चेन खींचने को पूरी तरह वैध माना गया है:
- छूट जाने का डर: अगर ट्रेन स्टार्ट हो गई है और आपका कोई बुजुर्ग साथी, बच्चा या दिव्यांग व्यक्ति प्लेटफॉर्म पर ही छूट गया है।
- मेडिकल इमरजेंसी: सफर के दौरान अचानक किसी सह-यात्री की तबीयत बहुत ज्यादा बिगड़ जाए और उसे तुरंत इलाज की दरकार हो।
- बड़ा हादसा या अपराध: ट्रेन में आग लग जाने या फिर लूटपाट और डकैती जैसी कोई आपराधिक घटना होने पर।
एक बार चेन खींचने से क्या होता है असर?
जब भी कोई अलार्म चेन खींचता है, तो ट्रेन के ब्रेकिंग सिस्टम का पूरा वैक्यूम प्रेशर एकदम से खत्म हो जाता है। इसका नतीजा यह होता है कि ट्रेन में झटके से ब्रेक लगते हैं और अंदर बैठे सैकड़ों यात्रियों को जोरदार झटका लगता है। इसके अलावा, उस ट्रेन के अचानक रुकने से पीछे उसी ट्रैक पर आ रही अन्य ट्रेनें भी लेट हो जाती हैं। इस वजह से रेलवे को हर बार लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
सीसीटीवी नहीं है, फिर भी कैसे पकड़े जाते हैं लोग?
बहुत से यात्रियों को यह गलतफहमी होती है कि डिब्बे के अंदर कैमरे नहीं लगे हैं, तो वे आसानी से चेन खींचकर भीड़ में छिप जाएंगे। हालांकि, रेलवे का सिस्टम इससे कहीं ज्यादा स्मार्ट है। जैसे ही आप अंदर चेन खींचते हैं, उस डिब्बे के बाहर लगा एक छोटा-सा 'एयर वाल्व' तुरंत घूम जाता है। इस वाल्व से हवा निकलने की एक बहुत तेज फुसफुसाहट वाली आवाज आती है। इसी आवाज का पीछा करते हुए रेलवे सुरक्षा बल और लोको पायलट बिल्कुल सटीक डिब्बे के पास पहुंच जाते हैं और अपराधी को रंगे हाथों धर दबोचते हैं।
इसलिए, जब तक कोई बहुत बड़ी और जायज मुसीबत न हो, इस लाल चेन से दूरी बनाए रखने में ही आपकी और रेलवे की भलाई है।
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