अंडमान निकोबार द्वीप-समूह म्मंद बयार में झूमती-नाचतीं ताड़ की पत्तियां, नीला समुद्र, सफेद रेत वाला सागर-तट, समुद्री चट्टानों पर प्रहार करती धाराओं की आवाज, हरे-भरे जंगल और दुर्लभ पक्षियों का कलरव...

हनीमून के लिहाज से इससे बेहतरीन जगह और क्या हो सकती है। यहां बिताए गए आपके खास पल ताउम्र न भूलने वाली यादों में तब्दील हो जाएंगे...

हनीमून कपल्स को अंडमाननिकोबार द्वीप समूह के खूबसूरत समुद्र-तट, लहरों की अठखेलियां, प्राकृतिक सौंदर्य, जैव-विविधता आदि खूब रोमांचित करने लगी है। समुद्र में सीप, रंग-बिरंगी मछलियों के बीच स्कूबा डाइविंग और स्नोर्कलिंग का आनंद ही कुछ और होता है। खासकर नवंबर से फरवरी का महीना यहां घूमने और मौज-मस्ती के लिहाज से सबसे उपयुक्त होता है। इस दौरान यहां का मौसम काफी सुहाना होता है।

अंडमान-निकोबार

बंगाल की खाड़ी में स्थित ५७२

द्वीप-समूहों वाला यह केंद्रशासित

राज्य म्यांमार के केप निग्रेज से

लगभग १९३ किमी., कोलकाता से

लगभग १२५५ किमी. और चेन्नई से

लगभग ११९० किमी. दूर है। यहां के

२ महत्वपूर्ण उप-द्वीप समूहों में रिचीज

द्वीप-समूह और लैब्रिंथ (भूलभुलैया)

द्वीप-समूह उल्लेखनीय हैं। निकोबार

द्वीप-समूह छोटे अंडमान द्वीप से

लगभग १२१ किमी. दूर अंडमान के

दक्षिण में स्थित है।

दर्शनीय आकर्षण

सेल्युलर जेल : इस जेल का

निर्माण अंग्रेजों द्वारा राजनैतिक

कैदियों को रखने के लिए कराया

गया था। हालांकि आज एक बगीचे

के साथ यह राष्ट्रीय स्मारक के रूप

में बदल चुका है। शाम को ६ बजे

हिंदी एवं ७ बजे अंग्रेजी में एक

लाइट ऐंड साउंड शो भी होता है।

जेपनीज बंकर्स : कार्बिंस कोव

के समीप स्थित जेपनीज बंकर्स या

तहखाने द्वितीय विश्व-युद्ध के दौरान

जापानी सेना द्वारा बनाया गया।

मिनी जू : इस छोटे चिड़ियाघर में

केवल द्वीपों पर पाए जाने वाले कुछ

दुर्लभ जीवों को देखना यादगार

अनुभव होगा।

कार्बिंस कोव बीच: पोर्ट ब्लेयर से

बिल्कुल नजदीक स्थित यह बीच

स्विमिंग एवं सूर्यास्त के नजारे के

लिए काफी लोकप्रिय है।

एंथ्रोपोलॉजिकल म्यूजियम:

अंडमान-निकोबार के स्थानीय

जनजातियों के इतिहास से संबंधित

यह एक दर्शनीय स्थल है।

समुद्रिका नौसैनिक अजायबघर:

मूंगों एवं जीवित मछलियों का प्रदर्शन

करने वाला यह म्यूजियम एक

दर्शनीय स्थल है, जहां आप स्थानीय

कलाकारों द्वारा बनाई गई चीजें भी

खरीद सकते हैं।

क्या करें?

अंडमान निकोबार द्वीप समूह स्थित

रॉस आइलैंड कभी अंडमान का

ब्रिटिश प्रशासनिक राजधानी था। वहां

आज बहुत सारे ब्रिटिश बंगलों के

अवशेष देखे जा सकते हैं। इस द्वीप

पर हिरन एवं मोर भी देखे जा सकते

हैं। यह ऐसा स्थल है, जहां आप

प्रकृति के साथ बेहतरीन समय गुजार

सकते हैं। वहीं नार्थ बे में आप सी-

वॉक, स्विमिंग, स्कूबा डाइविंग,जेट

स्की, स्नोर्कलिंग जैसे वाटर स्पोट्र्स

का लुत्फ उठा सकते हैं।

स्नोर्कलिंग: जॉली बुवाय में

स्नोर्कलिंग के दौरान एक से बढ़कर

एक अनोखे मूंगों एवं मछलियों का

दीदार कर सकते हैं। यहां पहुंचने के

लिए सर्वप्रथम आपको वांदूर स्थित

महात्मा गांधी मरीन नेशनल पार्क

पहुंचना पड़ता है।

सी-वाकिंग: प्राकृतिक आवासों में

मूंगों एवं मछलियों को देखने के लिए

सी-वाकिंग एक अच्छा विकल्प है,

जो आमतौर पर २०-२५ मिनट का

अच्छा माना जाता है। ऑक्सीजन

मॉस्क पहन कर जलीय दुनिया

की सैर कर सकते हैं, जिनमें मूंगों

को देखना वाकई खास होगा। एक

साथ हजारों मछलियों को देखना

किसी यादगार अनुभव जैसा होगा।

सी-वाकिंग के लिए नार्थ बे आइलैंड

परफेक्ट जगह है। आप राजीव गांधी

वॉटर स्पोट्र्स कॉम्प्लेक्स से टिकट

हासिल कर नौका के जरिए नार्थ बे

आइलैंड पहुंच सकते हैं।

शेष

राजधानी पोर्ट ब्लेयर से जहाजों

या नौकाओं के जरिए हैवलॉक द्वीप

लगभग २-४ घंटों में पहुंच सकते

हैं। भीड़-भाड़ से बचने के लिए

सरकार द्वारा संचालित जहाजों या

फिर नौकाओं की अग्रिम बुकिंग

सुविधाजनक यात्रा के लिए सही

होगा। पोर्ट ब्लेयर में एसी युक्त इन

नौकाओं या जहाजों की बुकिंग की

जा सकती है। हालांकि हैवलॉक

घाट पर भी बुकिंग काउंटर उपलब्ध

है। वैसे, पोर्ट ब्लेयर से हैवलॉक

पहुंचने के लिए वातानुकूलित

कातामारन फेरी बेहतर है। हैवलॉक

द्वीप को स्कूबा डाइविंग, स्नोर्कलिंग,

मैंग्रूव सफारी और फिशिंग के लिए

जाना जाता है।

क्या करें?

स्कूबा डाइविंग : कुछ बेहतरीन

सी-फूड के आनंद के अलावा,

हैवलॉक द्वीप पर स्कूबा डाइविंग

काफी लोकप्रिय है। अंडमान

बबल्स, बेयरफूट स्कूबा, दूंगी

डाइव्स और डाइव इंडिया यहां

के प्रामाणिक डाइव सेंटर्स हैं,

जहां स्कूबा डाइविंग करने के

लिए आपको इंस्ट्रक्टर के साथ

ट्रेनिंग और अच्छे साजो-सामान

मिल जाएंगे। वैसे, यहां प्राइवेट

अप्रमाणिक डाइवर्स भी हैं, जिनके

जरिए भी आप स्कूबा डाइविंग

का मजा ले सकते हैं। अच्छी बात

यह भी है कि स्कूबा डाइविंग के

लिए आपको एक अच्छा तैराक

या स्विमर होने की बिल्कुल भी

आवश्यकता नहीं है।

स्नोर्कलिंग : हैवलॉक द्वीप में

स्नोर्कलिंग बेहद लोकप्रिय है,

जिसके लिए कई विकल्प हैं...

४राधासागर सागर तट

(बीच नं.७) : यहां बहुत सारी

समुद्री चट्टानों के बीच बेहतरीन

स्नोर्कलिंग स्थल उपलब्ध हैं।

साथ ही, यहां खान-पान की

दुकानें भी हैं। यहां फिंस और मॉस्क

आसानी से मिल जाते हैं।

४एलीफेंट बीच : यहां भी

स्नोर्कलिंग के लिए कुछ बेहद

अच्छे स्थल उपलब्ध हैं।

मैंग्रूव सफारी और फिशिंग :

स्पीड बोट्स के जरिए आप हैवलॉक

द्वीप के आस-पास के मैंग्रूव

(खारीय या कच्छ वनस्पतियों) का

भ्रमण कर सकते हैं। साथ ही, यहां

आपको फिशिंग का भी यादगार

मौका मिल सकता है। जनवरी मध्य

से मई के बीच यहां का मौसम मैंग्रूव

सफारी एवं फिशिंग के लिए बेहद

लुभावना और अनुकूल होता है।

हैवलॉक द्वीप पर एटीएम की सुविधा

भी उपलब्ध हैं। यहां कुछ बेहद

अच्छे होटल्स एवं रिसॉर्ट हैं, जहां

आप ठहर सकते हैं। यहां दूरसंचार

की भी अच्छी सुविधाएं हैं। वास्तव

में हैवलॉक द्वीप में मैंग्रूव की दुनिया

आपको विस्मित कर जाती है।

कैसे पहुंचें

अंडमान-निकोबार द्वीप समूह

की राजधानी पोर्ट ब्लेयर चेन्नई,

कोलकाता और दिल्ली से हवाई

उड़ानों द्वारा जुड़ा है। साथ

ही, चेन्नई, कोलकाता और

विशाखापत्तनम से पोर्ट ब्लेयर के

लिए नियमित पोत (समुद्री जहाज)

की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। समुद्री

यात्राओं के पूरा होने में लगभग

३ दिनों का समय लगता है और

सामान्यत: पोर्ट ब्लेयर में जहाजें

या पोत लगभग २ दिनों तक अपना

लंगर डालते हैं यानी ठहरते हैं।

Posted By: Preeti jha

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