अगर आप ग्रामीण परिवेश और मेले में घूमने के शौकीन हैं, तो 2 से 18 फरवरी तक आयोजित होने वाले 32वें इंटरनेशनल सूरजकुंड मेले में आप ग्रामीण परिवेश की खास झलकियां देख सकते हैं. 

इस बार के मेले की थीम उत्तरप्रदेश है. 
गंगा घाट की खास झलक 
मेले परिसर में मोक्ष का द्वार कहे जाने वाले भगवान शिव की नगरी वाराणसी के 84 गंगा घाटों की झलक और करीब आठ घाट तुलसी घाट, जानकी घाट, अस्सी घाट, गंगा महल घाट, हरिश्चंद्र घाट, मणिकर्णिका घाट व संगम घाट दिखाई देंगे. इतना ही भगवान शिव का काशी विश्वनाथ मंदिर भी दिखाई देगा. मंदिर के महंत दर्शकों का प्रसाद भी देंगे. 
रामायण थीम पर होगी मुख्य चौपाल
परिसर की मुख्य चौपाल को रामायण थीम पर तैयार किया जा रहा है. मुख्य चौपाल को रामायण थीम पर तैयार किया जा रहा है. चौपाल के मंच पर अयोध्या में प्रस्तावित राममंदिर का परिदृश्य दिखाई देगा. मंच के बाई और भगवान राम का पुष्पक विमान से अयोध्या पहुंचने के चित्र, रामसेतु के दर्शन और दाई ओर अयोध्या नगरी का ऐश्वर्य दिखाया जाएगा.
25 से अधिक देश करेंगे शिरकत
मेले में इस बार करीब 25 देशों के हस्तशिल्पी और लोक कलाकार शिरकत करेंगे। मेले में दुनिया की लोककला संस्कृति के दर्शन होंगे. किर्गिस्तान इस बार मेले का भागीदार देश है। इसमें सार्क देशों को आमंत्रित किया गया है. पाकिस्तान के आने पर अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है. इसके अलावा कुछ अफ्रीकन देश और आशियान देश शामिल हैं. 
सूरजकुंड मेला इस बार राममय दिखाई देगा. 
 

By Pratima Jaiswal