अक्टूबर से लेकर फरवरी तक का महीना फेस्टिवल और ट्रैवल के लिहाज से बहुत ही खास होता है खासतौर से दिसंबर में क्रिसमस की छुट्टियां। ऐसी लंबी छुट्टियों को भरपूर एन्जॉय करने के लिए ज्यादातर लोग घूमने-फिरने की प्लानिंग करते हैं और विदेशों में तो ज्यादातर जगहों पर क्रिसमस और न्यू ईयर का सेलिब्रेशन बहुत ही खास होता है। लेकिन ट्रैवल का मतलब सिर्फ प्लानिंग, टिकट बुकिंग तक ही सीमित नहीं होता, बल्कि कुछ और चीज़ें भी अहम होती हैं जैसे कि ट्रैवल इंश्योरेंस। अपने देश से बाहर जब भी यात्रा का प्लान बनाएं इसे प्लाइट टिकट, होटल बुकिंग जितना ही जरूरी समझें। ऐसा क्यों? आइए बिना देर किए जानते हैं इसके बारे में.... 

ट्रैवल इंश्योरेंस

ऐसा इंश्योरेंस जो ट्रैवलिंग के दौरान कोई दुर्घटना, मृत्यु, मेडिकल खर्चों, सामान चोरी या खो जाने के बाद भी सुरक्षित रखता है। जिससे आप ट्रैवलिंग के दौरान बेफ्रिक रहते हैं। इतना ही नहीं रास्ते में होने वाली समस्या से हुए नुकसान की भरपाई के लिए भी जरूरी है ये इंश्योरेंस।

कितना कवर होता है

वैसे तो ट्रैवल इंश्योरेंस कंपनियां कई सारी कैटेगरी के तहत फिक्स्ड ऑप्शन देती हैं जिनकी रेंज 15000 से 50000 डॉलर तक होती है जो आपके ट्रैवल पीरियड, फायदे और ट्रैवल से जुड़े एरिया पर डिपेंड करती है।

क्यों होती है ट्रैवल इंश्योरेंस की जरूरत

अपने देश में नहीं, लेकिन देश के बाहर वेकेशन मनाने जा रहे हैं तो ऐसे में ट्रैवल इंश्योरेंस लेना जरूरी हो जाता है। लंबी ट्रिप पर चोरी या ट्रिप कैंसल होने का फायदा इंश्योरेंस के बेस पर उठा सकते हैं।

फायदे

1. अगर आपकी फ्लाइट डिले या कैंसिल होती है तो ट्रैवल इंश्योरेंस आपके लिए मददगार होता है।

2. ट्रैवलिंग के दौरान अचानक होने वाली मृत्यु (डेथ) से इंश्योरेंस के पॉलिसी में मौजूद कवरेज का फायदा मिलता है।

3. इस समस्या से ज्यादातर लोगों को दो-चार होना पड़ता है। सामान खो या चोरी हो जाने की स्थित में भी ट्रैवल इंश्योरेंस द्वारा ही मदद की गुंजाइश होती है।

4. लंबी यात्रा में कई बार तबियत बिगड़ने की भी संभावनाएं बनी रहती हैं। ऐसे में हॉस्पिटल का खर्चा ट्रैवल इंश्योरेंस में शामिल होता है। 

Posted By: Priyanka Singh

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