सूरजकुंड मेला भारत की संस्कृति और विरासत को देखने का एक ऐसा मंच है. जहां पर आप भारत की विविधातों को एक साथ देख सकते हैं. हर साल सुरजकुंड मेले में भारत के अलग-अलग कल्चर और लोक परंपराओं की झलक दिखती है. यहां प्रतिवर्ष एक खास राज्य के ट्रेडिशन, खान-पान, शिल्प और कलाएं दिखाई जाती हैं. इस बार 32वां सूरजकुंड इंटरनेशनल क्राफ्ट मेला 2018 आयेजित हो रहा है. इस बार यहां की थीम है उत्तर प्रदेश. इस मेले में कम से कम 20 देश और सभी भारतीय राज्य हिस्सा ले रहे हैं. वहीं कला के अलावा यहां के जायकों की बात करें, तो हर राज्य का अलग पैवेलियन और फूड कोर्ट है. जहां जाकर आप यहां के जायकों को चख सकते हैं. 

दूध जलेबी बन रही है हर किसी की पसंद
मेले में सोनीपत के गोहाना की जलेबी का स्वाद पर्यटक जमकर ले रहे हैं. मेले में इस बार जलेबी की 6 दुकानें लगी हैं. वहीं मीठा खाने के शौकीन लोग जलेबा का लुफ्त उठा रहे हैं. 250 ग्राम भार वाले एक जलेबा की कीमत 90 रुपये है. खबरों के मुताबिक मेले में सबसे ज्यादा भीड़ दूध-जलेबी के स्टॉल पर लग रही है. यहां आने वाले लोग जलेबी के साथ दूध का मजा ले रहे हैं. 
राजस्थान के राजसी भोज का रंग
ब्यावर की तिल पट्टी, गजक, पापड़, नमकीन के अलावा दाल-बाटी चूरमा, गट्टे की सब्जी के साथ राजस्थान के कई पकवान पर्यटकों को भा रहे हैं. 
बिहार का लिट्टी-चोखा और केसर पेडा
बिहार के फूड कोर्ट में लिट्टी चोखे का स्वाद चखने वाले लोगों की काफी तादाद देखी जा रही है. साथ ही लोग केसर पेडे को घर में पैक करवाकर ले जा रहे हैं. 
उत्तरप्रदेश के जायकों के रंग 
नॉनवेज के शौकीनों के लिए यहां काकोरी कबाब, इलाहबादी तेरही, बैंगन की लांज जैसे ऑप्शन मौजूद हैं. 
कब से कब तक 
2 फरवरी से शुरू हो चुका ये मेला 18 फरवरी 2018 तक चलेगा. 
 
कैसे जाएं 
आप ओल्ड फरीदाबाद मेट्रो स्टेशन उतरकर किसी बस या टैक्सी से सूरजकुंड मेला जा सकते हैं. 
टिकट
शनिवार-रविवार इस मेले की टिकट 120 रुपये प्रति व्यक्ति है और बाकी दिनों में 180 रुपये प्रति व्यक्ति. सूरजकुंड मेले की टिकट को ऑनलाइन भी बुक किया जा सकता है.
 

Posted By: Pratima Jaiswal