ऋषिकेश। तीर्थनगरी की ख्याति को देश-विदेश में पहुंचाने वाली महर्षि महेश योगी की तपस्थली शंकराचार्य नगर (84 कुटी) के द्वार अब पर्यटकों के लिए खुल गए हैं। भावतीत ध्यान योग के लिए विख्यात व मशहूर पॉप म्यूजिकल ग्रुप बीटल्स की यादों से जुड़ी इस धरोहर को अब पर्यटक करीब से महसूस कर यहां नेचर ट्रेल का

आनंद ले सकेंगे। मंगलवार को प्रदेश के वन मंत्री दिनेश अग्रवाल परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि महाराज ने चौरासी कुटी आश्रम में नेचर ट्रेल का विधिवत लोकार्पण किया।

ऋषिकेश शहर से लगभग सात किलोमीटर दूर चौरासी कुटी में गुंबद व गुफानुमा चौरासी कुटिया बनी हैं। जो

वास्तुकला का बेजोड़ नमूना है। अस्सी के दशक में राजाजी पार्क के अस्तित्व में आने से पहले तक चौरासी कुटी पर्यटकों से गुलजार रहती थी, लेकिन उसके बाद आश्रम ही बंद कर दिया गया था। साथ ही पर्यटकों के यहां जाने पर पाबंदी लगा दी गई थी। अब इसे पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। देश व विदेश के पर्यटक निर्धारित शुल्क अदा कर इस धरोहर को करीब से देख सकेंगे।

लोकार्पण के अवसर पर वन मंत्री दिनेश अग्रवाल ने कहा कि प्रकृति तथा वन संपदा प्रदेश की रीढ़ है। हमें इसे संरक्षित रखते हुए पर्यटन को बढ़वा देना है। उन्होंने कहा कि चौरासी कुटी का पर्यटकों के लिए खोला जाना एक बड़ा कदम है और हम इस धरोहर को और संरक्षित कर यहां से योग व अध्यात्म का संदेश देश-विदेश तक पहुंचाने में सफल होंगे। देश विदेश के पर्यटकों व योग जिज्ञासुओं के लिए यह स्थल एक नई पहचान बनेगा। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदांनद सरस्वती मुनि महाराज ने कहा कि महर्षि महेश योगी ने ही

देश-विदेश में तीर्थनगरी की ख्याति को पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने इस स्थान को हेरिटेज के रूप में संरक्षित कर इसे और खूबसूरत रूप देने की सलाह दी। इस अवसर पर विधायक विजय बड़थ्वाल, मुख्य वन

संरक्षक धनंजय मोहन, मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल गंभीर सिंह ने भी विचार व्यक्त किए।

मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक डीवीएस खाती, राजाजी टाइगर रिजर्व की निदेशक नीना ग्रेवाल, भागीरथी वृत के वन संरक्षण एसपी सुबुद्धि भी इस अवसर पर मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन वन्य जीव प्रतिपालक

अजय शर्मा ने किया।


Posted By: Preeti jha

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