मामल्लपुरम, यह जगह बंगाल की खाड़ी के किनारे पर स्थित एक ऐसे जगह के रूप में पूरी दुनिया में जानी जाती है, जहां मंदिरों के समूह स्थित हैं। इसके अलावा इस जगह को कादल, मल्लै, अर्थसेथू, मल्लावराम, मल्लाई और ममल्लई जैसे कई दूसरे नामों से भी जाना जाता है। खूबसूरती में बेमिसाल मामल्लपुरम में घूमने-फिरने के ठिकानों की कमी नहीं और न ही जायकों की। जी हां, अगर आप खाने-पीने का शौक रखते हैं तो यहां आकर आप बेहतरीन जायकों का स्वाद ले सकते हैं। 

मामल्लपुरम के लाजवाब जायके 

आप अगर सीफूड के शौकीन हैं तो फिर यह जगह खास आपके लिए ही है। शहर के मुख्य बाजार में जगह-जगह कई छोटे-बड़े रेस्टोरेंट मौजूद हैं। इनकी खास बात है कि ये विदेशी सैलानियों को ध्यान में रखकर खाना परोसते हैं, इसलिए आपको मामल्लपुरम जैसे छोटे से कस्बे में भी विश्वस्तरीय भोजन आसानी से मिल जाएगा। चूंकि यहां मछुआरों की बस्ती है, इसलिए यहां फ्रेश सीफूड भी आसानी से उपलब्ध हो जाता है, जिसे आप पाक कला की कई विधियों के साथ चख सकते हैं, फिर चाहे वह यूरोपियन स्टाइल से पका कम मसालों का भोजन हो या फिर तेज चटपटे मसालों में सिकी ग्रिल्ड फिश हो, सबका स्वाद अनोखा मिलेगा। यहां चेट्टिनाड खानों का अपना स्वाद है, जिसमें चिकन चे चेट्टिनाड, प्रॉन फ्राई, फिश फ्राई, क्रैब मसाला, लॉब्स्टर करी मशहूर हैं। यहां पर जॉनी का किचन, राजा स्ट्रीट पर होटल गुरु, फिशिंग बीच के नजदीक फिश ऐंड फ्राइज और फाइन डैन के लिए ईस्ट कोस्ट रोड पर वेलकम कैफे अच्छे विकल्प हैं।

पारंपरिक स्टाइल में खाने का लें मजा

अगर आप केले के पत्ते पर पारंपरिक स्टाइल से तमिलनाडु के भोजन का स्वाद लेना चाहते हैं तो होटल गुरु जाएं। अगर आपको समुद्र की लहरों के नजदीक भोजन का आनंद लेना है तो मछुआरों की कॉलोनी में एक रेस्टोरेंट है सीरॉक रेस्टोरेंट, इस जगह पर आपको मछुआरों की पारंपरिक शैली में पका भोजन और फ्रेश सीफूड मिलेगा। इस सादा से रेस्टोरेंट में आपको लाइव लॉबस्टर भी मिलेंगे। यहां आप अपनी पसंद का सीफूड चुनें, ये लोग वहीं ताजा पका कर देते हैं।

Posted By: Priyanka Singh

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