मानस टाइगर रिजर्व यानी मानस राष्ट्रीय उद्यान असम में स्‍थ‍ित‍ है। इसे भी यूनेस्को की विश्व धरोहरों में शामिल किया गया है। यह जगह बाघ, एक सींग वाले गैंडे और बारहसिंघा के खासतौर से जानी जाती है। विश्व धरोहर के अलावा ये जगह प्रोजेक्ट टाइगर रिजर्व, बायोस्फियर रिजर्व और हाथी रिजर्व के लिए भी मशहूर है। हिमालय की तलहटी में स्थित ये नेशनल पार्क भूटान तक फैला हुआ है, जहां इसे रॉयल मानस नेशनल पार्क के नाम से जाना जाता है। मानस नेशनल पार्क को 27 अक्टूबर 2013 को टूरिस्टों के लिए खोल दिया गया था। 

पार्क की खासियत

यह पार्क बालों वाले खरगोश, असम के छतरी वाले कछुए, नाटे कद वाले सुअर और सुनहरे लंगूर सहित कई लुप्तप्राय: जानवरों का घर है। यहां जंगली पानी वाली भैंस भी बड़ी संख्या में पाई जाती है। इस पार्क में स्तनपायी की 55, पक्षियों की 380, सरीसृप की 50 और उभयचर की 3 से ज्यादा प्रजातियां पाई जाती हैं। वैसे बाघ, एक सींग वाले गैंडे और बारहसिंघा के लिए भी ये जगह फेमस है।

टाइगर

मानस में बंगाल टाइगर्स की अच्छी-खासी संख्या देखने को मिलती है। अभी यहां इनकी संख्या 60 के करीब है। लेकिन पार्क में घूमने के दौरान ऐसा जरूरी नहीं कि ये नज़र आ ही जाएं।

पक्षी

मानस नेशनल पार्क में बंगाल फ्लोरिकॉन और ग्रेट हॉर्नबिल को आसानी से देखा जा सकता है।  380 प्रकार के पक्षी इस पार्क में पाए जाते हैं जिनमें ब्लैक टेल क्रेक, रेड हेड ट्रोगो, स्वॉम्प, फ्रैंकोलिन, मार्श, ग्रासबर्ड, लॉफिंग थ्रश, फिन वीवर और भी कई प्रकार के पक्षियों देखने को मिलते हैं।  

कैसे जाएं

सड़क मार्ग- मानस राष्‍ट्रीय उद्यान मानस नदी के नाम पर पड़ा है। यह बाहरी हिमालय की तलहटी में बसा है। गुवाहाटी से यह 147 किलोमीटर की दूरी पर है। सड़क द्वारा जाने में करीब 3 से 4 घंटे का समय लगता है।

रेल मार्ग- बारपेटा रोड यहां का नज़दीकी रेलवे स्टेशन है। दिल्ली, मुंबई से यहां तक के लिए कई सारी ट्रेनें अवेलेबल हैं। 

हवाई मार्ग- बोरझार एयरपोर्ट यहां तक पहुंचने का सबसे नज़दीकी एयरपोर्ट है।    

 

Posted By: Priyanka Singh