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दिल्ली की जामा मस्जिद नहीं, ये है भारत की सबसे बड़ी मस्जिद... 100 साल बाद पूरा हुआ था बेगम का सपना

Published: Thu, 23 Jul 2026 09:24 AM (IST)

भले ही जामा मस्जिद से प्रेरणा लेकर इसे बनाया गया हो लेकिन आज यह भारत और एशिया की सबसे बड़ी मस्जिदों में शामिल है।

भारत की सबसे बड़ी मस्जिद: ताज-उल-मस्जिद (Image Source: AI Generated)

भारत की सबसे बड़ी मस्जिद: ताज-उल-मस्जिद (Image Source: AI Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। भारत में जब भी मस्जिदों का जिक्र होता है तो उसमें दिल्ली की जामा मस्जिद का नाम सबसे पहले लिया जाता है। यही वजह है कि लोग इसे ही भारत की बड़ी मस्जिदों में गिन लेते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि भारत की सबसे बड़ी मस्जिद दिल्ली में नहीं बल्कि भोपाल में स्थित है। हम बात कर रहे हैं राजधानी भोपाल में स्थित ताज-उल-मस्जिद की। 

भारत की सबसे बड़ी मस्जिद: ताज-उल-मस्जिद

भारत की सबसे बड़ी मस्जिद का नाम ताज-उल-मस्जिद है जो मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित है। यह भोपाल और भारत की सबसे बड़ी मस्जिद होने के साथ एशिया की दूसरी सबसे बड़ी मस्जिदों में शामिल है। ताज-उल-मस्जिद का मतलब ही है मस्जिदों का ताज। जान लेने वाली बात यह है कि इस मस्जिद को दिल्ली की जामा मस्जिद से प्रेरणा लेकर बनाया गया। 

शाहजहां बेगम का सपना था ताज-उल-मस्जिद

दुनियाभर में मशहूर ताज-उल-मस्जिद के निर्माण का काम साल 1871 में बाहदुर शाह जफर के शासन के दौरान शाहजांहा बेगम ने शुरू करवाया था। बाद में, जब शाहजहां बेगम की मृत्यु हो गई तो उनकी बेटी सुल्तान जहां बेगम ने इसके काम को जारी रखवाया। पर ख्वाब जितना बड़ा था उतना ही इसमें पैसा लग रहा था और इतने पैसे न होने के कारण मस्जिद के काम को बीच में रुकवाना भी पड़ा। 

1971 में दोबारा शुरू हुआ निर्माण 

एक लंबे अरसे बात फिर से मस्जिद बनाने के काम को साल 1971 में शुरू किया। इस बार भोपाल के अल्लामा मोहम्मद इमरान खान नदवी अज़हरी और मौलाना सैयद हशमत अली साहब की कोशिशें रंग लाईं। करीब 14 सालों में यह विशाल मस्जिद बनकर तैयार हुई यानी साल 1985 तक इसके काम को पूरा किया गया था। 

ताज-उल-मस्जिद की खासियत 

  1. इस मस्जिद की दो बड़ी मीनारें हैं और हर एक मीनार 18 मंजिला है। एक अनुमान के मुताबिक, इस मस्जिद में एक बार में करीब 1.75 लाख एक साथ नमाज अदा कर सकते हैं।  

  2. वहीं मस्जिद के कुल क्षेत्रफल की बात करें तो यह14 लाख 52 हजार स्क्वेयर फीट है।

  3. मस्जिद के मुख्य प्रार्थना कक्ष पर तीन बड़े आकार के संगमरमर के गुंबद बने हुए हैं। 

  4. इसके बिल्कुल बीच में पानी से भरा वाजुखाना है। इसके अलावा, मस्जिद में फर्श और स्तम्भ संगमरमर का बना हुआ है।