ट्रिप पर जाने को लेकर जितनी एक्साइटमेंट होती है उतनी ही पैकिंग को लेकर भी और इसी में हो जाती है गड़बड़। गड़बड़ बेशक छोटी-मोटी होती है लेकिन परिणाम बड़े हो सकते हैं। जैसे लास्ट मिनट में की जाने वाली पैकिंग में कई सारी चीज़ें मिस हो जाती हैं वैसे ही अगर मौसम का हाल नहीं पता है तो डेस्टिनेशन पर पहुंचकर वहां एन्जॉय नहीं कर पाएंगे। तो ऐसी ही कुछ चीज़ों के बारे में जानेंगे जिससे अगली प्लानिंग में इन चीज़ों को अवॉयड कर सकें। 

जरूरत से ज्यादा लिक्विड्स कैरी कर लेना

बहुत ही ज्यादा दुखद होता है जब एयरपोर्ट पर पहुंचकर अपने फेवरेट शैंपू , हेयरस्प्रे और परफ्यूम की बॉटल्स को एयरपोर्ट अथॉरिटी के हवाले करना पड़ता है क्योंकि वो आपके बैग का वजन बढ़ाते हैं। तो बेहतर होगा आप अपने पास लगेज स्केल स्केल रखें जिससे एयरपोर्ट जाने से पहले घर पर ही बैग का वजन लें सके जिससे एक्स्ट्रा सामान के लिए एयरपोर्ट पहुंचकर अलग से पैसे नहीं देने पड़ेंगे। जहां तक बात लिक्विड्स की है तो 100 मिली तक ही ले जाने की इजाज़त है तो इसे भी डबल चेक कर लें।

लिक्विड के कंटनेर को अच्छे से पैक न करना

ज्यादातर लोगों को लगता है कि सनस्क्रीन, मॉइश्चराइजर के नए बॉटल्स पूरी तरह सेफ होते हैं लेकिन ऐसा जरूरी नही। कई बार हीट और प्रेशर से बॉटल्स लीक होने लगती है जिससे बैग में रखे कपड़े और दूसरी चीज़ें खराब हो जाती हैं। इसलिए इन्हें ज़िप वाले बैग्स या प्लास्टिक में पैक करके रखें। हो सके तो इन्हें बैग के अलग पॉकेट्स में रखें।

आखिर में पैकिंग

पैकिंग में होने वाली गड़बड़ी की एक बड़ी वजह लास्ट मिनट तक का इतंजार करना होता है। जिसमें जल्दबाजी में ये तय नहीं हो पाता कि क्या रखें और क्या नहीं। कपड़ों से लेकर फुटवेयर्स तक की पैकिंग के लिए जगह और वहां के मौसम के बारे में थोड़ी-बहुत रिसर्च कर लेंगे तो बेहतर होगा। और इसके बाद चेकलिस्ट बनाकर उसके अनुसार पैकिंग करें।

गलत फुटवेयर्स की पैकिंग

साफ-सुथरे कपड़ों को दाग-धब्बों से बचाने के लिए उन्हें शू बैग में कैरी करें। अगर आपके पास शू बैग नहीं हैं तो इन्हें किसी न्यूजपेपर में रैप कर के रखें। फुटवेयर्स बहुत हैवी होते हैं तो बहुत सारे कैरी करने की जरूरत नहीं। मल्टीपल तरीकों से कैरी किए जाने वाला कोई एक शूज या सैंडल रखें। 

मौसम की जानकारी न होना

स्नोफॉल में टैंक टॉप और बीच वेकेशन पर जाकर फुल ड्रेस पहनने का आइडिया है एकदम बेकार। ये तभी होता है जब आपको जिस जगह जा रहे हैं वहां के मौसम की कोई जानकारी न हो। ऐसी सिचुएशन में आपको फिर से शॉपिंग करनी पड़ेगी या फिर उन्हीं कपड़ों में मजबूरी में काम चलाना होगा। तो बेहतर होगा कि मौसम की जानकारी अपने साथ रखें।

 

Posted By: Priyanka Singh

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