केंद्र सरकार ने देश में तीर्थस्थल और धरोहर स्थल विकसित करने की केंद्रीय योजना के तहत उत्तराखंड में गंगोत्री एवं यमुनोत्री, मध्य प्रदेश में अमरकंटक और झारखंड में पारसनाथ को शामिल किया है।

इन नये स्थलों के जुड़़ने से ‘पिलग्रिमेज रेजुवेनेशन एंड स्प्रीचुअल, हेरिटेज ऑगमेंटेशन ड्राइव’ (प्रसाद) यानी ‘तीर्थयात्रा कायाकल्प एवं आध्यात्मिक संवर्धन मुहिम’ योजना में स्थलों की संख्या बढ़कर 25 राज्यों में 41 हो गयी है।

योजना का लक्ष्य प्रवेश बिंदुओं (सड़क, रेल और जल परिवहन), अंतिम मील तक संपर्क, सूचना/दुभाषिया केंद्र, एटीएम/मुद्रा विनिमय, पर्यावरण के अनुकूल परिवहन की सुविधाएं, प्रकाश एवं ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोतों से रोशनी, पार्किंग, पेयजल, शौचालय, अमानत घर, प्रतिक्षा कक्ष, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र, शिल्प बाजार/हाट/स्मारिका, दुकान/भोजनालय, वर्षा के लिये आश्रय स्थल, टेलीकॉम सुविधाएं, इंटरनेट संपर्क आदि का विकास जैसी बुनियादी पर्यटन सुविधाएं इत्यादि पर आधारित बुनियादी ढांचा विकसित करना है।

योजान के तहत अब तक 15 राज्यों में कुल 24 परियोजनाओं को स्वीकृति दी गयी है। इनकी अनुमानित लागत 727.16 करोड़ रुपये है। योजना के शुरू होने के बाद से इन परियोजनाओं के लिए कुल 331.15 करोड़ रुपये जारी किये जा चुके हैं।  

Posted By: Priyanka Singh