यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 29, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
क्यों बच्चों की परवरिश के लिए सबसे बेहतर मानी जाती है Elephant Parenting?
बच्चों के पालन-पोषण के लिए हर मां-बाप अपना बेस्ट देते हैं लेकिन फिर भी बेहतर की गुंजाइश तो रहती ही ...और पढ़ें

HighLights
- बच्चों के पालन-पोषण के लिए माता-पिता कई तरीके अपनाते हैं।
- एलिफैंट पेरेंट्स बच्चों की खुशी और इमोशनल सिक्योरिटी का खास ख्याल रखते हैं।
- बच्चे की असफलताओं पर एलिफैंट पेरेंट्स उन्हें अकेला महसूस नहीं होने देते हैं।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। Elephant Parenting: बच्चों को आत्म-निर्भर बनाने के साथ-साथ उनकी आजादी का ख्याल रखना भी बेहद जरूरी होता है। कई पेरेंट्स आज भी पुराने तौर-तरीकों से बच्चों की परवरिश करने की कोशिश करते हैं, जिससे फायदे के बजाय नुकसान ही हाथ लगता है। ऐसे में, डांट-फटकार और प्रेशर के चलते कई बच्चे जिद्दी और ढीठ हो जाते हैं। इसलिए अगर आप भी उनकी ग्रोथ में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहते हैं, तो यहां समझाए गए पेरेंटिंग के इस खास तरीके (Healthy Parenting Style) को फॉलो करके देख सकते हैं। आइए जानें इसके बारे में।
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आजादी का ख्याल
एलीफैंट पेरेंट्स कभी भी बच्चों को कड़े नियमों या बाउंड्री में नहीं बांधते हैं। वह उन्हें हर उस काम की इजाजत देते हैं, जिससे उन्हें खुशी मिलती हो और यह उनके विकास में भी मददगार हो। इस प्रकार की पेरेंटिंग में इमोशनल कनेक्शन पर खास जोर दिया जाता है और उन्हें खुद से आगे बढ़कर नई-नई चीजें सीखने और ट्राई करने के लिए फ्री छोड़ दिया जाता है। देखा जाए, खराब परिस्थिति में भी एलीफैंट पेरेंट्स बच्चों के अंदर दोष निकालने के बजाय समस्या की तह के सुलझाने की कोशिश करते हैं।
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भावनाओं की कद्र
एलीफैंट पेरेंट्स हमेशा बच्चों के फैसले को सबसे ऊपर रखते हैं। किसी मनपसंद ड्रेस को पहनने से लेकर अपनी पसंद का कोर्स या जॉब करने को लेकर वह बच्चों पर दबाव नहीं बनाते हैं। ऐसे में, बच्चे अपने लिए फैसले लेने में पूरी तरह से फ्री महसूस करते हैं और उनकी फीलिंग्स भी हर्ट नहीं होती हैं।
बच्चे की खुशी रखते हैं ऊपर
बच्चों को फ्रीडम देने वाले एलीफैंट पेरेंट्स उनकी खुशी को भी सबसे ऊपर रखते हैं। ऐसे में, बच्चें हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर पाते हैं क्योंकि समाज के दबाव को ऐसे पेरेंट्स बच्चों तक पहुंचने भी नहीं देते हैं। आप भी अगर इस पेरेंटिंग को अपनाना चाहते हैं, तो बच्चों को वो करने दें जो वो करना चाहते हैं, न कि आप जिस काम को उनसे जबरदस्ती करवाना चाहते हैं।
कंफर्ट और सपोर्ट
बच्चों की प्राइवेसी का ख्याल रखने में भी एलीफैंट पेरेंट्स सबसे आगे होते हैं। कई माता-पिता प्राइवेसी को गलत काम के रूप में लेते हैं। ऐसे में, आप इस बात को दिमाग में बैठा लें कि इससे बच्चे बिगड़ने के बजाय कंट्रोल में ही रहते हैं, क्योंकि एक उम्र के बाद थोड़ी बहुत प्राइवेसी देकर आप उन्हें कंफर्ट और सपोर्ट देने का काम करते हैं।
