तारीफ न मिले तो तिलमिलाना और सवाल पूछो तो भड़कना! आखिर कैसे काम करता है Narcissist लोगों का दिमाग?
एक नए शोध से पता चला है कि असहज या शर्मिंदगी वाली स्थितियों में Narcissist लोगों के दिमाग के बीच का तालमेल कम हो सकता है।

शर्मिंदगी वाले पलों में बदल जाता है आत्ममुग्ध लोगों का दिमाग! (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
प्रेट्र, नई दिल्ली। हम सभी कभी न कभी ऐसी स्थितियों का सामना करते हैं जहां हमें असहजता या शर्मिंदगी महसूस होती है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जो लोग खुद को बहुत ज्यादा अहमियत देते हैं, उनका दिमाग ऐसे पलों में कैसे काम करता है? एक नए शोध ने इस रहस्य से पर्दा उठाया है।
असहज पलों में दिमागी तालमेल में आती है कमी
हालिया अध्ययन से यह दिलचस्प बात सामने आई है कि असहज या शर्मिंदगी वाली स्थितियों में नार्सिसिस्टिक लोगों के दिमाग के बीच का तालमेल कम हो सकता है। फिनलैंड के शोधकर्ता मटियास पीस्पानन ने बताया कि जिन लोगों में आत्ममुग्धता के गुण ज्यादा पाए जाते हैं, वे दूसरों के संवेदनशील अनुभवों पर आम लोगों से बिल्कुल अलग तरह से प्रतिक्रिया देते हैं।
बातचीत और समझने का तरीका होता है अलग
शोध के मुताबिक, जब आत्ममुग्ध लोग किसी से बातचीत करते हैं, तो उनके जुड़ने का ढंग अलग होता है। वे चर्चा के अलग-अलग पहलुओं पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं और आस-पास जो कुछ भी हो रहा है, उसकी अपने ढंग से एक अलग ही व्याख्या करते हैं।
क्या है आत्ममुग्धता?
नार्सिसिज्म (Narcissism) एक ऐसा व्यक्तित्व है जिसमें इंसान हमेशा अपने बारे में जरूरत से ज्यादा सोचता है और खुद को दूसरों से बहुत बड़ा मानता है। इनकी सबसे बड़ी चाहत यही होती है कि लोग हमेशा इनकी तारीफ करें। पुराने अध्ययनों में भी यह बात साबित हो चुकी है कि ऐसे व्यक्तित्व वाले लोगों में दूसरों का दर्द समझने की क्षमता अक्सर कम होती है।
कैसे हुआ यह अनोखा अध्ययन?
विशेषज्ञों का कहना है कि असल जिंदगी की जटिल सामाजिक परिस्थितियों में आत्ममुग्ध व्यवहार के पीछे दिमाग की कार्यप्रणाली कैसे काम करती है, यह अब भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। इसी को समझने के लिए इस शोध में यह जांचा गया कि रोजमर्रा जैसी स्थितियों में ये लक्षण दिमाग की सक्रियता पर कैसा असर डालते हैं। इस प्रक्रिया में प्रतिभागियों को कुछ ऐसे वीडियो दिखाए गए जिनमें एक व्यक्ति ने कहानियां सुनाईं, और फिर उन पर उनकी प्रतिक्रियाएं रिकॉर्ड की गईं।
