नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। ईद मुसलमानों का बेहद ख़ास त्योहार है जो रमज़ान के 30 रोज़े रखने के बाद आता है। मुसलमान पूरे रमज़ान एक महीने इबादत करते हैं और बेसब्री से ईद का इंतजार करते हैं। पिछले दो सालों से ईद पर कोरोनावायरस का कहर जारी है जिसकी वजह से मुसलमान ईद का त्योहार बेहद सादगी से बिना किसी सेलिब्रेशन के सेलिब्रेट कर रहे हैं। इस साल कोरोना की दूसरी लहर का कहर जारी है जिसकी वजह से तकरीबन पिछले एक महीने से लॉकडाउन लगा है। कोरोना ने शॉपिंग से लेकर सेलिब्रेशन तक पर पाबंदी लगा दी है। इस बार भी पूरे देश में बेहद सादगी से ईद का त्योहार 14 मई को मनाया जाएगा। आइए जानते हैं कि इस साल कोरोनावायरस के चलते देश में ईद पर किस तरह का माहौल रहेगा।

यह दूसरा साल है जब कोरोनोवायरस महामारी के बीच ईद उल फितर मनाई जा रही है। देश भर के मुस्लिम मौलवियों ने लोगों से घर पर ईद मनाने की अपील की है । दिल्ली, यूपी, महाराष्ट्र में, कोविड मामलों में उछाल के कारण ईद-उल-फितर के मौके पर प्रार्थना और लोगों से मिलने झुलने पर पाबंदियां रहेंगी। मौलवियों ने सभी समुदाय के सदस्यों से अनुरोध किया कि वे त्योहार को सादगी से घर में ही मनाएं।

ईद की नमाज़:

हर साल रमज़ान के खत्म होने के बाद लोग ईद के दिन सुबह-सुबह नहाकर, नए कपड़े पहनते हैं और अपने बच्चों के साथ शाही मस्जिदों में नमाज़ पढ़ने जाते हैं। नमाज़ के बाद लोगों से गले मिलकर सारा गिला शिकवा दूर करते हैं, लेकिन इस बार कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों और लॉकडाउन के चलते लोगों को घर में रहकर ही ईद की नमाज़ अदा करनी होगी। कोरोना ने ईद का जश्न इस बार भी फ़ीका कर दिया है।

लॉकडाउन में ईद की खरीदारी पर फिरा पानी:

ईद मुसलमानों का सबसे बड़ा त्योहार है जिसमें गरीब से लेकर अमीर तक दिल खोल कर खरीदारी करता है, लेकिन लॉकडाउन की वजह से इस बार खारीदारी की ही नहीं गई। ना नए कपड़े खरीदे गए ना घर की सजावट के लिए कुछ खरीदारी का मौका मिला। पूरे महीने बाज़ार बंद रहें। इस बार भी सभी लोग अपने घरों में अकेले या सिर्फ अपने परिवार के साथ ईद मनाएंगे। मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भी ईद को सादगी से मनाने पर जोर दिया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि लॉकडाउन की वजह से लोग आर्थिक तंगी से परेशान है इसलिए उनकी मदद करें।

दुनियां में ईद पर माहौल:

इस साल भी पूरी दुनिया में ईद पाबंदियों के साथ मनाई जा रही हैं। सउदी अरब से लेकर, दुनिया की तमाम मस्जिदों में कोरोना की वजह से पाबंदियों में नमाज़ अदा की जाएगी। गले मिलने और हाथ मिलाने पर भी ईद के दिन पाबंदी है।

पुरानी दिल्ली की रौनकें बनी वीराना:

ईद की सबसे ज़्यादा रौनक़ पुरानी दिल्ली के जामा मस्जिद में देखी जाती है जहां इस साल भी सन्नाटा पसरा है। ना ईद की रौनकें हैं, ना खाने-पीने का जश्न है और ना ही बच्चों के कपड़ों की खरीदारी का माहौल है। कोरोना के बढ़ते मामलों की जवह से रात-दिन पुलिस का पहरा है। मुसलमान इस वायरस के कहर से बचने की दुआ मांग रहे हैं ताकि आने वाले साल वो अपने परिवार के साथ खुशियों के साथ ईद मनाएं।

                     

                                   Written By: Shahina Noor 

Edited By: Shilpa Srivastava