नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। National Tourism Day 2023: भारत में घूमने-फिरने वाली जगहों की कोई कमी नहीं और कई जगहें तो ऐसी हैं जो बेहद खूबसूरत हैं लेकिन पर्यटकों की नजरों से दूर। तो पॉपुलर टूरिस्ट डेस्टिनेशन के अलावा इन अनछुई जगहों के बारे में बताना ही नेशनल टूरिज्म डे मनाने का मुख्य उद्देश्य है। टूरिज्म के जरिए भारत के करोड़ों लोगों को रोजगार मिलता है। देश के जीडीपी की बढ़ोतरी में भी भारतीय पर्यटन की खास भूमिका है। लेकिन क्या आपको पता है कि राष्ट्रीय पर्यटन दिवस मनाने की शुरुआत कब और क्यों हुई थी? अगर नहीं तो आइए जानते हैं राष्ट्रीय पर्यटन दिवस के इतिहास, उद्देश्य और इस साल की थीम के बारे में।

राष्ट्रीय पर्यटन दिवस की कब से हुई थी शुरुआत?

जहां विश्व पर्यटन दिवस 27 सितंबर को मनाया जाता है। वहीं भारत नेशनल टूरिज्म डे हर साल 25 जनवरी को मनाता है। इस दिवस की शुरुआत साल 1948 में हुई थी। देश को आजादी मिलने के बाद भारत में टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए एक पर्यटन यातायात समिति का गठन हुआ। इसके तीन साल बाद 1951 में कोलकाता और चेन्नई में पर्यटन दिवस के क्षेत्रीय कार्यालयों में काफी बढ़ोतरी हुई। 

राष्ट्रीय पर्यटन दिवस महत्व

भारतीय पर्यटन करोड़ों लोगों के रोजगार का साधन है। देश में ऐसी कई जगहें हैं जो देखने में तो बेहद खूबसूरत हैं लेकिन वहां रोजगार का कोई साधन नहीं, तो ऐसी जगहों पर लोग पूरी तरह से टूरिस्ट पर निर्भर रहते हैं। इसके अलावा पर्यटन दिवस के जरिए देश- विदेश तक भारत की खूबसूरत जगहों, ऐतिहासिक इमारतों, प्राकृतिक सुंदरता और संस्कृति का प्रचार- प्रसार किया जाता है। 

पर्यटन दिवस का उद्देश्य

राष्ट्रीय पर्यटन दिवस मनाने का उद्देश्य भारतीय पर्यटन के खूबसूरत जगहों का प्रचार- प्रसार करना है क्योंकि पर्यटन के जरिए भारतीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है। 

राष्ट्रीय पर्यटन दिवस 2023 की थीम

राष्ट्रीय पर्यटन दिवस हर साल एक नई थीम के साथ मनाया जाता है। इस साल की थीम है 'ग्रामीण और सामुदायिक केंद्रित पर्यटन'। पिछले साल 2022 की थीम "आजादी का अमृत महोत्सव" थी। इससे पहले, 2021 में राष्ट्रीय पर्यटन दिवस की थीम 'देखो अपना देश' थी।

Pic credit- freepik

Edited By: Priyanka Singh

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