नई दिल्ली, जेएनएन। महामारी के इस दौर में हम सबने दर्द झेला है। खुद संक्रमित होना या अपने करीबियों को वायरस के चपेट में आते देखना। इलाज का संघर्ष और अपनों के बिछड़ने का गम। ये दर्द हम सब की जिंदगी की डायरी में लिख गया है। सबके सामने आर्थिक और पारिवारिक चुनौतियां हैं। इनसे निपटने के लिए अब हमें दर्द से उबरना होगा। मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि हमें खुद को रिसेट करना होगा। अमेरिका के पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय के व्हार्टन स्कूल की प्रोफेसर केटी मिल्कमैन कहती हैं, मैं सोचती हूं कि फ्रेश स्टार्ट यानी नई शुरुआत एक बड़ा मौका है। हमें नहीं पता कि फिर हमें नई शुरुआत का मौका कब मिलेगा। हमारे पास एक खाली स्लेट है, जिस पर हम काम कर सकते हैं। केट ने नई किताब लिखी है, हाउ टू चेंज-द साइंस ऑफ गेटिंग फ्राम वेयर यू आर एंड वेयर यू वांट टू बी। डॉ केट मिल्कमैन नई शुरुआत के विज्ञान पर काम कर रही हैं और वे इसे द फ्रेश स्टार्ट इफेक्ट कहती हैं।

नई शुरूआत का दिन यूं चुनें

हफ्ते का पहला दिन, महीने का पहला दिन, जन्मदिन का दिन, स्कूल ब्रेक के बाद का दिन या किसी मौसम की शुरूआत का दिन जैसे बरसात का पहला दिन। मनोवैज्ञानिक कहते हैं कि नई शुरूआत का यह मौका लक्ष्य को हासिल करने में मदद करता है।

क्या है नया लक्ष्य

यह लक्ष्य ज्यादा पैसे कमाना, करियर में आगे बढ़ना, नई जॉब खोजना, नए काम सीखना, जिंदगी को बेहतर बनाना, कोरोना काल से पहले की तरह जिंदगी जीना जैसे कुछ भी हो सकता है।

नई शुरूआत में मददगार टिप्स

1. नए काम की योजना बनाएं

जो भी नया काम आपको करना है उसकी पूरी योजना बनाएं। अगर अभी इस योजना को लागू करने का मौका नहीं है तो थोड़ा इंतजार करें। याद रखें कि आपको बस एक मौके की जरूरत है।

2. नए दोस्त बनाएं

नए दोस्त आपको जीवन के नए मायने और मौकों से रूबरू करा सकते हैं। नए दोस्त बनाने का मतलब यह नहीं है कि पुराने दोस्तों को छोड़ दें।

3. अपनी आलमारी को साफ रखें

एक शोध के मुताबिक औसतन एक व्यक्ति 68 कपड़े खरीदता है। इसलिए अपनी आलमारी से पुराने हो चुके कपड़ों को हटा लें। इससे आपको रोज क्या पहनना है, इसमें ज्यादा ऊर्जा नहीं खपानी पड़ेगी।

4. घर से बेकार सामान निकालें

घर पर कई चीजें होती हैं जिनका हम इस्तेमाल नहीं करते हैं। उन्हें घर से बाहर निकालें। कबाड़ में बेचें। ये चीजें बाहर निकालना आपका जीवन में आगे बढ़ने का प्रतीक है।

5. खुद के बारे में सोचने के लिए वक्त निकालें

अपने पिछले वक्त को देखें, वह बता सकता है कि आप कैसे आगे बढ़ना चाहते हैं। अपने विचार, जिंदगी और अनुभवों को लिखें। सोचें कि आप क्या सीखना चाहते हैं और कैसे चीजों को बदलना चाहते हैं।

इन्हें भी आजमाएं

-नया बजट बनाएं-बचत पर ध्यान दें।

-नए निजी लक्ष्य बनाएं-जिससे जिंदगी मजेदार बनी रहे।

-सकारात्मक रहें

-जिंदगी के कुछ पन्नों को बंद कर दें।

-खुद का नया व्यक्तित्व बनाएं-खुद को उस व्यक्ति की कल्पना करें जिसके जैसा आप बनना चाहते हैं।

-नई चीजें करें और असफल होने से न डरें।

-थोड़ा स्वार्थी बनें और छोटी सफलताओं का भी आनंद उठाएं। 

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