नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। International Red Panda Day 2021: आज अंतरराष्ट्रीय रेड पांडा दिवस है। यह हर साल सितंबर महीने के तीसरे शनिवार को मनाया जाता है। इस तरह आज शनिवार 18 सितंबर यानी आज लाल पांडा दिवस है। इसे पहली बार साल 2020 में मनाया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य विलुप्त होने की कगार पर खड़े लाल पांडाओं के संरक्षण के प्रति लोगों को जागरुक करना है। लाल पांडा भालू की प्रजाति का सदस्य है। यह हिमालय की क्षेत्रों में पाया जाता है। लाल पांडा की दो प्रजातियां हैं। पहली प्रजाति को लाल पांडा और दूसरी प्रजाति को चायनीज पांडा कहा जाता है। आमतौर पर पांडा मांसाहारी होते हैं, लेकिन अधिकतर समय में बांस की शाखा और मशरूम समेत शाक भी खाते हैं। लाल पांडा मौन रहना ज्यादा पसंद करते हैं। साल 2008 में लाल पांडा को लुप्तप्राय वन्यजीव की श्रेणी में रखा गया है। इसी मद्देनजर साल 2020 से लाल पांडाओं के संरक्षण हेतु अंतरराष्ट्रीय रेड पांडा दिवस मनाया जाता है। आइए, लाल पांडा से जुड़े रोचक तथ्य जानते हैं-

-लाल पांडा का निवास स्थान पूर्वी हिमालय के क्षेत्र हैं। कई मौके पर लाल पांडा को हिमालय के पूर्वी क्षेत्रों में देखा जाता है। पांडा अधिकतर समय पेड़ पर अपना समय बिताते हैं और कभी-कभी पेड़ पर ही सो जाते हैं। पांडा रात के समय में शिकार करते हैं। साथ ही सुबह में भी कभी कभार शिकार पर रहते हैं।

-पांडा एकांत रहकर जीवन जीना पसंद करते हैं। आसान शब्दों में कहें तो पांडा मनमौजी किस्म के प्राणी होते हैं। अकेले प्रकृति के साथ रहना पांडा ज्यादा पसंद करते हैं। शिकार या खेलने के समय पांडा एक साथ रहना पसंद करते हैं।

-लाल पांडा को बर्फ बेहद प्रिय है। इसके लिए सर्दी के दिनों में आप लाल पांडा को चिड़ियाघर में देख सकते हैं। अन्य मौसम में लाल पांडा पेड़ पर रहना ज्यादा पसंद करते हैं। इस वजह से लाल पंडा को पेड़ों पर रहने वाला पशु कहा जाता है।

-शरीर की पूरी लंबाई के बराबर पांडा के पूंछ की लंबाई होती है।

-लाल पांडा 23 वर्षों तक जीवित रहता है। वहीं, 12 साल के के बाद मादा पांडा प्रजनन नहीं करती हैं। इनका वजन 7 से 14 पाउंड होता है।

Edited By: Pravin Kumar