भारत हर साल 8 अक्टूबर को इंडियन एयरफोर्स डे मनाता है। वायुसेना की स्थापना 8 अक्टूबर 1932 को की गई थी। इस सासल 89वां स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। बहरहाल, जितनी मजबूत भारत की थलसेना है, उतनी ही शक्तिशाली और हाईटेक वेपन्स से लैस इंडियन एयरफोर्स भी है। राफेल जैसे नेक्स्ट जेनरेशन के एडवांस और हाईटेक एयरक्राफ्ट्स, हेलीकॉप्टर और मिसाइल्स के शामिल होने के बाद इंडियन एयरफोर्स की ताकत और भी ज्यादा बढ़ गई है।

भारत की इस ताकत में और इजाफा करने जा रहा है। अगले 10 सालों के अंदर 233 एडवांस फाइटर जेट शामिल करने की तैयारी में है। भारत अपनी डिफेंस क्षमताएं बढ़ाने के लिए इतनी पुख्ता तैयारी कर रहा है कि दुश्मन इसके बारे में सोचकर ही कांप उठेंगे।

राफेल

- सितंबर-2020 में औपचारिक रूप से शामिल किया गया।

- टिवन-इंजन से लैस हैं। ये जमीनी और समुद्री हमले करने में सक्षम है। इनमें और भी कई तरह की खूबियां हैं।

- उड़ान स्थल से 3700 किमी दूर हमला कर वापस लौट सकता है।

- इसमें तीन तरह की मिसाल लग सकती है।

- हवा में मार करने के लिए मीटियोर, हवा से जमीन के लिए स्कैल्प, हैमर मिसाइल से लैस है।

तेजस

- 83 नए तेजस विमान एयरफोर्स में शामिल किए जाएंगे।

- 48000 करोड़ रुपए का अनुमानित बजट है इसके लए।

- हवा से हवा और जमीन में मिसाइल दागने में सक्षम।

- रात में अरेस्ट लैंडिंग कर सकने में सक्षम।

- मिसाइल, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध तकनीक ईडब्ल्यू और हवा में ईंधन भरने की क्षमता एएआर से लैस है।

- इसमें एंटीशिप मिसाइल, बम और रॉकेट भी लगाए जा सकते हैं।

अपाचे, चिनूक

- दुनिया का सबसे शक्तिशाली अटैक करने वाला हेलीकॉप्टर है। पिछले दिनों कुछ आठ अपाचे हेलिकॉप्टर भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल हुए हैं।

मिराज-2000

- भारत जल्द ही 24 सेकेंड हैंड फाइटर जेट्स खरीदेगा।

- इसके लिए 27 मिलियन यूरो (करीब 2.33 अरब रुपए) का सौदा हुआ है।

24 में से 8 विमान उड़ने के लिए तैयार स्थिति में हैं। प्रति विमान कीमत 1.125 मिलियन यूरो होगी।

सी-295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट्स

- एयरफोर्स के पुराने एवरो एयरक्राफ्ट्स की जगह लेंगे।

- इसके लिए भारत और स्पेन के बीच समझौता हुआ है।

- 16 विमान स्पेस एयर एंड डिफेंस कंपनी से खरीदे जाएंगे।

- 40 विमान टाटा कंपनी की ओर से भारत में बनाए जाएंगे।

S-400 एयर डिफेंस मिसाइल

- दुनिया का मोस्ट एडवांस्ड एयर डिफेंस सिस्टम है।

- 1000 किमी से बॉम्बर्स, जहाज, मिसाइल्स की ट्रैकिंग।

- वन टाइम 100 टारगेट पहचानने व 36 को निशाना बनाने की क्षमता है।

- सुपरसोनिक, हाइपरसोनिक मिसाइलों से हमले में सक्षम।

एमआरसैम मिसाइल

- मीडियम रेंज सर्फेस टू एयर मिसाइल यानी एमआरसैम की रेजं 70-100 किमी तक की है।

- इसका इस्तेमाल आसमान में दुश्मन के ड्रोन, हेलीकॉप्टर और फाइटर जेट्स को मार गिराने के लिए किया जाता है।

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Edited By: Priyanka Singh