बागवानी
अकसर आपने अपनी दादी-नानी से सुना होगा कि घर के गार्डन में सेहत का खजाना छिपा हुआ है। यह सच है कि घर में उगाए जाने वाले कई पौधे बेहद उपयोगी होते हैं। ये सिर्फ खाने का स्वाद ही नहींबढ़ाते बल्कि आपकी सेहत का खयाल भी रखते हैं।

एलोवेरा

इसका इस्तेमाल भले ही खाने में न होता हो लेकिन यह एक औषधीय पौधा है, जिसका इस्तेमाल पाचन तंत्र को ठीक करने के लिए किया जाता है। इसका जूस सेहतमंद होता है। साथ ही इसका जेल त्वचा को मुलायम बनाता है। यह त्वचा में पानी की पूर्ति करता है। स्किन टैनिंग में यह बेहद फायदेमंद है। 

 

तुलसी   

यह परंपरागत औषधि है, जो जयादातर घरों में उगाई जाती है। यह आम सर्दी-जुकाम और पेन रिलीफ में कारगर है। सिर दर्द होने पर तुलसी को मसलकर माथे पर रगड़ सकते हैं। तुलसी का पैक चेहरे पर भी दमक लाता है।

 

लैवेंडर   

यह एंटीसेप्टिक है। उसके ऊपर के हिस्से को तोड़कर मसल लें और एक कटोरी उबलते पानी में डालकर चेहरे पर भाप लें। इसके फूलों के रस का प्रयोग पुराने दाग-धब्बों को दूर करने के लिए भी किया जा सकता है। 

 

नींबू  

यह एक बेहतरीन औषधि है। इसका सेवन करने से इम्युनिटी बढ़ती है। साथ ही यह उल्टी, दस्त और कबज जैसी बीमारी में रामबाण का काम करता है। कील-मुंहासों में इसका रस मुलतानी मिट्टी के साथ इस्तेमाल करने से फायदा होता है। 


पुदीना

पाचन से संबंधित समस्याओं और जी मिचलाने की स्थिति में पुदीने की चाय बड़ी फायदेमंद होती है। ताजा पत्तों की चाय पेट में ऐंठन, मतली, और पेट फूलने जैसी समस्याओं का निवारण करती है। यह सर्दी-खांसी की प्राकृतिक दवा के रूप में भी काम करती है। 


मेहंदी

यह मूड ठीक करने और ठंड के इलाज के लिए दालचीनी के साथ इस्तेमाल की जाती है। यह बारहमासी झाड़ सूरज की धूप में बढ़ती है। एक चुटकी मेहंदी की चाय पीने से मौसमी बीमारियां और विकार दूर होते हैं।

 

कपूर का पौधा

भारतीय घरों में उगाई जाने वाली यह सबसे महत्वपूर्ण औषधि है। गले में खराश होने या ठंड लगने पर उबले पानी में इसकी पत्तियां डालकर कुल्ला करें। ऐसा करने से गले में खराश से राहत मिलती है।

 

अजवाइन के फूल

यह एंटीऑक्सीडेंट और एंटीसेप्टिक है। इसे सूखी और हलकी मिट्टी और सूर्य की रोशनी में उगाएं। जुकाम के इलाज के लिए सोने से पहले इससे बनी चाय पिएं। खाली पेट भूनी हुई अजवाइन लेने से पेट की समस्या ठीक होती है।

 

डिस्क्लेमर : घरेलू नुस्खे समस्या से थोड़ी राहत दिला सकते हैं लेकिन ये इलाज का विकल्प नहीं हैं। 

सखी फीचर्स

Posted By: Shweta Mishra