पिछले कुछ सालों में भारत चीन के रिश्तों पर चर्चा करने वाले साहित्य और लेखों में काफी बढ़ोतरी हुई है। ऐसे समय में वरिष्ठ पत्रकार गौरी द्विवेदी द्वारा लिखी गई पुस्तक ब्लिकर्स ऑफ, हाउ वर्ल्ड विल काउंटर चाइना, में लेखक ने चीन के सामने विश्व का सामना करने, विकास और भविष्य में चीन के सामने आने वाली विभिन्न चुनौतियों आदि पहलुओं पर प्रकाश डाला है। ब्लिंकर्स ऑफ पाठक को पुस्तक पढ़ते हुए चीन के विकास की यात्रा और भू राजनीतिक पुनर्संरेखण के दौर से अवगत कराती है। लेखक ने बीजिंग की निरंतर तरक्की और विकास को उदारीकृत देशों के लिए कई मायने में खतरे की घंटी बताया है। जैसा की पुस्तक के शीर्षक से प्रतीत होता है, यह चीन के पथ प्रदर्शक सुधार नेतृत्व वाली विकास कहानी के एक तरफ के पहलू को बयान करती है, जबकि ऐसा नहीं है, ब्लिंकर्स ऑफ के माध्यम से लेखक ने इस मिथक को दूर किया है कि चीन ने ईरान और रूस जैसे सत्तावादी देशों पर भरोसा करके अपनी शक्ति को धुरी बनाने का प्रयास किया। इसके विपरित लेखक दुनिया के लिए चीन का एक विषय पर एक ठोस आधार प्रस्तुत करता है, जिसमें चीन ने प्राचीन सैन्य और रणनीतिक विचार के माध्यम से खुद को स्थापित किया। इसके साथ ही किस तरह चीन की वर्तमान व्यवस्था सीसीपी के आधिपत्य की इच्छा और वर्तमान विश्व व्यवस्था को बनाए रखने में निहित है।

पुस्तक चीन की चुनौती को समझने के लिए एक व्यापक 360 डिग्री का दृष्टिकोण विकसित करती है और इन चुनौतियों से निपटने के लिए बहुआयामी प्रयासों को बताती है। लेखक ने प्रौद्योगिकी और अर्थव्यवस्था दो ऐसे क्षेत्र बताएं हैं, जिसमें चीन संभवत: वर्चस्व हासिल करने की इच्छा रख सकता है, जिसके लिए वैश्विक स्तर पर अन्य सक्रिय देशों की सक्रिय प्रतिक्रिया की आवश्यकता होती है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि दुनिया चीन की चुनौतियों का बचाव करने में सक्षम है, ब्लिंकर्स ऑफ साइबर और व्यापार जैसे पारंपरिक और नये युग के शक्तिशाली माध्यमों का सुझाव देता है।

ऐसी किसी भी परिस्थिति में सफलता हासिल करने के लिए एक बहुस्तरीय प्लेटफार्म या मंच बनाने की जरूरत होगी, जिसमें अमेरिका सहित जापान और भारत भी अहम भूमिका अदा कर सके। लेखक ने इस बात की ओर इशारा किया है कि किस तरह शीत युद्ध के दौरान, अमेरिका अपने दम पर तत्कालीन सोवियत संघ का मुकाबला करने में सक्षम था, इसी तरह वाशिंगटन को अब एक निरंकुश चीन की चुनौती का समाधान करने के लिए भागीदारों की आवश्यकता होगी। एशिया और दुनिया दोनों में चीन के लिए के लिए एक भू- राजनीति और भूमि आर्थिक धुरी के रूप में कार्य करने की भारत की क्षमता और दक्षता को अच्छी तरह उजागर किया गया है। दोनों ही देशों को आर्थिक ऊंचाइयों के निर्माण पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। पुस्तक में चीन से संबंध रखने वाले सभी विषयों की सिफारिशों को शामिल किया गया है, इसके साथ ही बीजिंग के वैश्विक शासन पर असमान प्रभाव पर भी पुस्तक में ध्यान केन्द्रित किया गया है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक दिन में अपनी स्थिति कमजोर नहीं की है, काफी समय से चीन अपनी पोजीशन बढ़ा रहा था। उसी तरह से बाकी एरिया में भी चीन धीरे-धीरे अमेरिका और भारत को कमजोर करने में लगा है। ब्लिंकर्स ऑफ इस विचार को प्रस्तुत करता है कि इस खतरे का प्रभावी ढंग से जवाब देने के लिए एक समग्र रणनीति की आवश्यकता होगी।

Edited By: Priyanka Singh