विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 14, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आपको नुकसान पहुंचा रहा है मोबाइल, रेडिएशन से बचने के ये हैं उपाय

By Babita KashyapEdited By:
Published: Fri, 14 Apr 2017 02:57 PM (IST)

मोबाइल फोेन आजकल हमारी आपकी जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है। इसके तमाम फायदे भी हैं, लेकिन नुकसान भी किसी तरह से कम नहीं है।

आपको नुकसान पहुंचा रहा है मोबाइल, रेडिएशन से बचने के ये हैं उपाय
आपको नुकसान पहुंचा रहा है मोबाइल, रेडिएशन से बचने के ये हैं उपाय

मोबाइल फोन स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, इससे तो सभी वाकिफ हैं। अब नया तथ्य सामने आया है कि यह सड़क से अधिक घर और दफ्तर में नुकसान पहुंचा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और मोबाइल का रेडिएशन मिलकर शरीर पर दोगुना नकारात्मक प्रभाव डालते हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अध्ययन में यह बात सामने आई है।

जब हम मोबाइल फोन पर बात करते हैं तो वह सिंगल वेवलेंग्थ (तरंगदैध्र्य) के जरिये सेल टावर से जुड़ता है। जितनी देर तक बात होती है, उतने समय तक हानिकारक तरंगें शरीर और त्वचा को प्रभावित करती हैं। घर के बाहर सड़क या पार्क आदि में सिर्फ मोबाइल फोन और सेल टावर के रेडिएशन से ही प्रभाव पड़ता है, लेकिन घर या दफ्तर में यह प्रभाव बढ़ जाता है। कंप्यूटर, टीवी, रेडियो एफएम, हीटिंग-लाइटिंग लैंप, माइक्रोवेवओवन और आसपास से गुजर रही बिजली की लाइनें भी कई सिग्नलों से तरंगें  उत्पन्न करती हैं। इनका इलेक्ट्रोमैगनेटिक रेडिएशन मोबाइल के रेडिएशन और सेल टावर के सिग्नल से ट्रांसमिट करता है। इससे शरीर पर पड़ने वाला

दुष्प्रभाव दोगुना हो जाता है। शरीर में ऑक्सीडेंट की मात्रा बढ़ जाती है। थकावट, सिरदर्द, अनिद्रा, कानों में घंटियां बजने, जोड़ों में दर्द और याददाश्त कमजोर होने जैसी समस्याएं सामने आती हैं।

- मोबाइल फोन का सीधे उपयोग न करें इयर फोन से करें बात

- मोबाइल को कान पर लगाएं तो नीचे से पकड़ें, पूरा फोन नहीं

- लंबी बातें करने के लिए सामान्य लैंड लाइन फोन का प्रयोग करें

- मोबाइल फोन का प्रयोग सही मुद्रा में खड़े होकर या बैठ कर ही करें

- रेडिएशन से बचाव के कुछ उपाय रेडिएशन व इलेक्ट्रोमैगनेटिक तरंगें भी शरीर के लिए नुकसानदायक हैं।

-मोबाइल फोन का उपयोग थर्मल प्रभाव भी उत्पन्न करता है। अधिक देर तक कान पर लगाए रखने

से गर्माहट पैदा होती है, जिससे त्वचा को नुकसान पहुंचता है।

-डॉ. दीपांकर साहा,

अतिरिक्त निदेशक, सीपीसीबी 

संजीव गुप्ता, नई दिल्ली