विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

पुराने घरों में क्यों बनती थीं इतनी मोटी दीवारें? वजह जानकर आप भी कहेंगे- 'क्या गजब इंजीनियरिंग थी!'

Published: Tue, 04 Aug 2026 12:32 PM (IST)

पुराने घरों की दीवारें मोटी बनाई जाती थीं। इसके पीछे घर की सुरक्षा जैसे कई कारण छिपे होते थे।

पुराने घरों की मोटी दीवारों के पीछे की वजह (AI Generated Image)

पुराने घरों की मोटी दीवारों के पीछे की वजह (AI Generated Image)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। पुराने जमाने के घरों की दीवारें आज के घरों की तुलना में काफी मोटी हुआ करती थीं। गांव में हो सकता है आपको आज भी कुछ पुराने घर देखने को मिल जाएंगे, जिनकी दीवारें लगभग 1.5 फीट मोटी हो, लेकिन क्या आप जानते हैं कि पुराने समय में घरों की दीवारों को इतना मोटा क्यों बनाया जाता था?

ऐसा करने के पीछे काफी दिलचस्प कारण छिपे थे, जिनके बारे में जानकर आपको हैरानी हो सकती है। आइए जानें क्यों पुराने घरों की दीवारें मोटी हुआ करती थीं। 

प्राकृतिक तापमान नियंत्रण 

पुराने समय में घर को ठंडा या गर्म करने के लिए एसी और हीटर की सुविधा नहीं होती थी। ऐसे में मौसम की मार से बचने के लिए घर की दीवारों को मोटा बनाया जाता था। ये दीवारें थर्मल मास की तरह काम करती थीं। इन मोटी दीवारों के कारण गर्मी के दिनों में बाहर की धूप के कारण घर गर्म नहीं होता और ठंडा रहता था। इसी तरह सर्दी में ये मोटी दीवारें घर के अंदर की गर्मी को बाहर नहीं जाने देती, जिससे घर अंदर से गर्म रहता था।

मजबूती और लोड-बेयरिंग डिजाइन

आज के घरों में सरियों और कंक्रीट के पिलर्स पर टिका होता है। इसलिए दीवारें पतली बनाने पर भी घर मजबूत रहता है, लेकिन पुराने जमाने के घर ऐसे नहीं बनाए जाते थे। उन घरों में छत और भारी लकड़ी की बीम का वजन सीधा दीवारों पर पड़ता है। इसलिए दीवारों को मोटा बनाया जाता था, ताकि वो भार सहन कर सके। 

निर्माण सामग्री की प्रकृति 

पुराने समय में सीमेंट और लोहे की छड़ों का इस्तेमाल नहीं होता था। इसके बजाय मिट्टी, गारा, चूना और कच्ची ईंटों का ज्यादा इस्तेमाल होता था। इसलिए घर की दीवारों की चौड़ाई बढ़ाकर उन्हें मजबूत बनाया जाता था, ताकि तेज बारिश या आंधी की वजह से घर को कोई नुकसान न हो। 

सेफ्टी और साउंड प्रूफ

पुराने घरों की दीवारों को मोटा बनाया जाता था, ताकि प्राकृतिक आपदा से उन्हें सुरक्षा मिले और तेज हवा या बारिश से घर ढह न जाए। इसी तरह मोटी दीवारे घर के अंदर बाहर का शोर कम आने देती थीं। मोटी दीवारें बाहर के शोर को सोख लेती थीं, जिससे घर में बाहर का शोर नहीं आता। घर की दीवारें मोटी बनाने की एक वजह ये भी थी कि पुराने समय में एक ही घर में कई पीढ़ियां रहती थीं, जबकि आज के घरों को हर कुछ सालों में मरम्मत की जरूरत होती है।