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क्या खाली बैठते ही आपको भी होती है घबराहट? कहीं आप Rest Anxiety के शिकार तो नहीं?

Published: Mon, 09 Feb 2026 01:01 PM (IST)

आजकल कई लोग आराम करने से डरते हैं और खाली बैठने पर गिल्ट महसूस करते हैं। यह रेस्ट गिल्ट बचपन ...और पढ़ें

क्या आराम करते ही आपको भी होने लगती है बेचैनी? (Picture Courtesy: Freepik)

क्या आराम करते ही आपको भी होने लगती है बेचैनी? (Picture Courtesy: Freepik)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज के आधुनिक दौर में एक अजीब समस्या तेजी से बढ़ रही है और वो है आराम करने का डर। क्या आपको भी खाली बैठते ही ऐसा लगता है कि आप कोई गलती कर रहे हैं?

बहुत से लोग आराम करने के ख्याल से ही घबराने लगते हैं क्योंकि जब वे कोई काम नहीं कर रहे होते, तो उन्हें खुद पर गुस्सा आता है या चिंता होने लगती है कि वे पीछे छूट रहे हैं। लेकिन ऐसा क्यों होता है? आइए इस बारे में प्रो. हरीसा भट्ट (सीएचएमआर, इंस्टिट्यूट ऑफ गुड मैनुफैक्चरिंग प्रैक्टिस, इंडिया) से जानते हैं। 

आराम को कमाना नहीं पड़ता, यह एक जरूरत है

हमारी आज की लाइफस्टाइल ने ऐसा माहौल बना दिया है जहां आराम को एक बुनियादी जरूरत नहीं समझा जाता। इसके बजाय, यह माना जाता है कि आराम को कमाना पड़ता है। इसका नतीजा यह है कि आज लाखों लोग मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह थकने के बावजूद काम से ब्रेक लेने में असहज महसूस करते हैं। उन्हें लगता है कि अगर वे रुके, तो वे गलत कर रहे हैं।

Rest anxiety (1)

(Picture Courtesy: Freepik)

बचपन से मिली सीख का असर

मनोवैज्ञानिक रूप से, रेस्ट गिल्ट या आराम करने पर होने वाले गिल्ट का कारण यह विश्वास है कि हमारी अहमियत इस पर निर्भर करती है कि हम कितने बिजी हैं। क्योंकि हमें बचपन से ही सिखाया जाता है कि हमेशा एक्टिव रहो, ज्यादा काम करो और समय बर्बाद मत करो।

यह विचार हमारे दिमाग में इतनी गहराई से बैठ जाता है कि हम इसे सच मान बैठते हैं। इसलिए, जब हमारा शरीर संकेत देता है कि उसे थकान हो रही है और उसे आराम की जरूरत है, तो हम गिल्ट महसूस करने लगते हैं। हमें लगता है कि हम आलसी हो रहे हैं, पिछड़ रहे हैं, या हम काम ही नहीं कर रहे हैं।

खालीपन से डर क्यों लगता है?

आराम न कर पाने का एक और कारण है। बिजी रहना हमें अपने उन विचारों और भावनाओं से बचने का मौका देता है, जिनका सामना हम नहीं करना चाहते। जब हम आराम करते हैं, तो दिमाग को सोचने का मौका मिलता है और वे दबी हुई भावनाएं सतह पर आ सकती हैं। इससे एंग्जायटी पैदा होती है। यही वजह है कि कई लोगों के लिए आराम करना सुकून देने के बजाय अजीब और स्ट्रेस महसूस होता है।

नजरिया बदलने की जरूरत

हमें यह समझना होगा कि आराम करना कमजोरी की निशानी नहीं है। बिना आराम के प्रोडक्टिविटी बढ़ाई नहीं जा सकती है। इसलिए, जब आप बिना किसी गिल्ट के आराम करते हैं, तो आप आलसी नहीं बन रहे होते, बल्कि आप अपने इमोशनल बैलेंस और लंबे समय तक स्वस्थ रहने की दिशा में एक जरूरी कदम उठा रहे होते हैं।