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निन्जा तकनीक से लेकर पल्लू की गांठ तक, पुराने जमाने के याददाश्त मजबूत करने के ये तरीके हैं बड़े कमाल के

Published: Sat, 24 Oct 2026 03:00 PM (IST)

ऐसे कई सदियों पुराने तरीके हैं जिनकी मदद से अपनी याददाश्त मजबूत की जा सकती है।

याददाश्त अच्छी करने के प्राचीन और पारंपरिक तरीके (Image Source: AI Generated)

याददाश्त अच्छी करने के प्राचीन और पारंपरिक तरीके (Image Source: AI Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। अक्सर हमारे आसपास ऐसे लोग होते हैं, जो चीजें ज्यादा समय तक याद नहीं रख पाते। इतना ही नहीं, स्कूल में पढ़ने वाले एक्टिव बच्चे भी लंबे-लंबे फॉर्मूला और जवाब एग्जाम टाइम पर भूल जाते हैं। 

अगर आप भी इन्हीं लोगों में से है जो अपनी कमजोर याददाश्त से परेशान आ चुके हैं, तो आइए आपको मेमोरी स्ट्रॉंग करने के प्राचीन और पारंपरिक तरीकों के बारे में बताते हैं। 

याददाश्त अच्छी करने के प्राचीन और पारंपरिक तरीके 

ऐसे कई तरीके हैं जिनका इस्तेमाल सदियों पहले से अपनी याददाश्त मजबूत करने के लिए किया जाता रहा है, फिर चाहे वो ग्रीक मेमोरी पैलेस हो या जनजाति समुदाय की सॉन्ग लाइंस। आइए इनपर नजर डालें: 

जापानी निन्जा तकनीक 

पुराने समय में जापान में निन्जा चीजों को याद करने के लिए अपने शरीर के बाकी हिस्सों से जोड़कर याद करते हैं। अगर आप इस तकनीक को आजमाना चाहते हैं, तो शरीर अपने शरीर के किसी हिस्सों को किसी खास जानकारी को याद करने के लिए इस्तेमाल करें। इसके बाद क्रम में याद कर लें और 5-6 बार दोहराएं। 

सॉन्ग लाइंस और लैंडस्कैप तकनीक 

क्या आपको पता है ऑस्ट्रेलिया के आदिवासी समुदाय के लोग अपने रास्तों को याद करने के लिए क्या तरीका अपनाते थे? उसका नाम है सॉन्ग लाइंस और लैंडस्कैप तकनीक। यह एक बहुत ही असरदार नेविगेशन और मेमोरी तरीका है, जिसमें जनजाति समुदाय कहानी या गाने से उस जगह को जोड़ देते थे, ताकि वो हमेशा के लिए मेमोरी में स्टोर हो जाए। 

गांठ लगाकर याद करना 

यह तरीका आज भी घर में महिलाएं अपनाती हैं, जब वो किसी खास बात को याद रखने के लिए अपने दुपट्टे और साड़ी के पल्लू में गांठ बांध लेती हैं। फिर जैसे ही वो उस गांठ को देखती हैं, उन्हें अपनी बात याद आ जाती है। दरअसल, यह सदियों पुराना तरीका है, जिससे मेमोरी मजबूत रहती है। 

यूनान की मेमोरी पैलेस तकनीक 

यूनान ने हमें बहुत कुछ दिया है और इसमें एक चीज मेमोरी पैलेस भी है, इसे वहां लोग 'मेथड ऑफ लोकी' के नाम से भी जानते हैं। इस तकनीक में लोग सबसे पहले अपनी परिचित जगह चुनते हैं, जैसे- आपका घर, ऑफिस या कोई रास्ता। इसके बाद उस जगह पर रखी चीजों से अपनी याद करने वाली चीजों को क्रमवार तरीके से जोड़ दें। मान लीजिए कि आपको सेब, साइकिल और किसी डॉक्यूमेंट को याद रखना है। 

इसके लिए अपने घर के मेन गेट के पास रखी मेज पर डॉक्यूमेंट रखे होने, गेट खोलते ही बाहर सेब का पेड़ और साइकिल रखी होने की मन में कल्पना करें। इससे चीजें क्रमवार तरीके से याद रखी जाएंगी।