नई दिल्‍ली, जेएनएन। Teens Not Getting Enough Exercise: 5 में से 4 बच्‍चे अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक टीनएज बच्‍चे फिजिकल एक्‍सरसाइज से दूर हो गए हैं। इनमें ब्‍वॉयज की अपेक्ष गर्ल्‍स की संख्‍या ज्‍यादा है। इस स्थिति में बच्‍चे मोटापा, मंदबुद्धि समेत कई तरह की बीमारियों का शिकार हो सकते हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप अपने बच्‍चे के लिए सतर्क हो जाएं।

15 साल तक 146 देशों में रिसर्च

डब्‍ल्‍यूएचओ (WHO) की रीसेंट आई रिपोर्ट के मुताबिक विश्‍वभर में 5 में हर चौथा बच्‍चा फिजिकल एक्टिविटी से दूर हो गया है। ग्‍लोबल ट्रेंड्स के तहत किशोरवय बच्‍चों के साथ ये समस्‍या लगातार बढ़ती जा रही है। लगातार 15 साल तक 146 देशों के बच्‍चों किए गए शोध के बाद यह रिपोर्ट आई है, जिसमें रिसर्चर ने गहरी चिंता जताई है।

11 से 17 साल के टीनएजर्स पर रखी गई नजर

रिसर्च में शामिल 11 से 17 साल तक के बच्‍चों की डेली रुटीन पर नजर रखी गई। इसमें पाया गया कि ब्‍वॉयज की अपेक्षा गर्ल्‍स अपनी हेल्‍थ को लेकर ज्‍यादा केयरलेस हैं। इसमें 80 फीसदी स्‍कूल जाने वाले ऐसे किशोर शामिल हैं जो नाम मात्र ही फिजिकली एक्टिव हैं। यह बच्‍चे दिनभर में 1 घंटे भी फिजिकली एक्टिव नहीं रहते हैं।

गर्ल्‍स का रिजल्‍ट खतरनाक

इस रिसर्च को लीड करने वाले डब्‍ल्‍यूएचओ के रिसर्चर डॉक्‍टर रेजिना गटहोल्‍ड ने कहा है कि टीनएज ब्‍वॉयज और गर्ल्‍स की फिजिकल एक्टिविटी बेहद चिंताजनक है। यह स्थिति उनके भविष्‍य और सेहत पर बुरा प्रभाव डालने वाली हो सकती है। फिजिकल एक्टिविटी के लिए तुरंत प्रयास शुरू करने होंगे और गर्ल्‍स का पार्टीसिपेशन बढ़ाना होगा।

बच्‍चे को ये हो सकते हैं नुकसान

रिसर्चर और चिकित्‍सक मानते हैं कि बच्‍चों की फिजिकल एक्टिविटी कम होने से उनके शारीरिक और मानसिक विकास पर फर्क पड़ता है। इससे मोटापा होने के साथ बच्‍चा मंदबुद्धि या भोंदू भी हो सकता है। इसके अलावा बच्‍चे शाई नेचर और सेल्‍फ मोड में भी जा सकते हैं जो कि उन्‍हें सोसाइटी में सर्वाइव करने परेशानी बन सकता है। इसके अलावा वह कई तरह की परेशानियों से जूझ सकता है।

अभिभावक के तौर पर आप क्‍या करें

अपने बच्‍चे को फिजिकल एक्टिविटी के लिए इनकरेज करें और सबसे पहले उसे गैजेट्स से दूर करें। ज्‍यादातर बच्‍चे मोबाइल, टैबलेट या फिर टीवी देखते रहते हैं। बच्‍चों के लिए सुबह और शाम को एक घंटे कसरत और व्‍यायाम के लिए फिक्‍स करें और उन्‍हें खेलकूद में भी इनवॉल्‍व करें। बच्‍चे के स्‍कूल टीचर से मिलें और दौड़, क्रिकेट, खो खो जैसे खेल आयोजित कराने की अपील करें।  

Posted By: Rizwan Mohammad

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