नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। World Vegan Day 2019: साल 1944 था जब वीगनिज़्म शब्द बना था। और आज, सोनम कपूर से लेकर आमिर खान तक कई ऐसे बॉलीवुड सितारे हैं जो ये वीगनिज़्म को फोलो कर रहे हैं और साथ ही कई लोगों को वीगन लाइफस्टाइल जीने के लिए प्रेरित भी कर रहे हैं। लेकिन क्या आपको भी उनकी सलाह माननी चाहिए? क्या आप डेयरी प्रोडक्ट्स, मीट, अंडे, शहद और अपने कई तरह के कॉस्मैटिक्स को छोड़ने को तैयार हैं? 

आज एक नवंबर को दुनियाभर में वर्ल्ड वीगन डे मनाया जा रहा है। अगर आप भी वीगन होने की सोच रहे हैं तो इन 7 बातों पर ज़रूर ध्यान दें। 

शाकाहारी और वीगनिज़्म में क्या अंतर है?

शाकाहारी लोगों की तुलना में वीगन्स को पर्यावरण से ज़्यादा प्यार होता है। शाकाहारी लोग मांस और अंडे नहीं खाते हैं जबकि वीगन मांस और अंडों के अलावा किसी भी तरह का डेयरी प्रोडक्ट, एनिमल प्रोडक्टेस, यहां तक कि जेलाटिन और शहद भी नहीं खाते हैं। सिर्फ यहीं नहीं वीगन ऐसे साबुन, कपड़े और ब्यूटी प्रोडक्ट्स का भी इस्तेमाल नहीं करते जिनमें एनिमल प्रोडक्ट का इस्तेमाल हुआ हो।

देखा जाए तो शाकाहारी होना ज़्यादा आसान है, क्योंकि आप इसमें कई ऐसे पशु उत्पादों का सेवन कर सकते हैं जो प्रोटीन, विटामिल, खनिज और पौष्टिक वसा जैसे पोषक तत्वों के महत्वपूर्ण स्रोत हैं। वहीं, एक वीगन को पशु उत्पादों को पूरी तरह से छोड़ना होता है उसके दूसरे विकल्प तलाश करने पड़ते हैं।

क्या होता है जब आप वीगनिज़्म अपनाते हैं? 

1. वीगन होने से, दिल की बीमारी, गठिया और कुछ तरह के कैंसर जो पशु वसा से होते हैं, उनके विकसित होने की संभावना काफी कम हो जाती है। पशु उत्पादों को अपने आहार से हटाने से वीगन खुद को औद्योगिक रसायनों और विषाक्त पदार्थों से बचाते हैं जो कि जानवर अपने वातावरण से ट्रांसफर करते हैं।

2. दूध, पनीर, दही और अंडे कैल्शियम के महत्वपूर्ण स्रोत हैं जो हड्डियों के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। वीगन होने के बाद कैल्शियम की अपनी खुराक को पूरा करने के लिए आपके पास अंजीर, काले, पालक, शलजम के पत्ते और काली मटर जैसे कई विकल्प हैं। वहीं, दूध के लिए आप सोया, बादाम और वीगन चीज़ जैसे विकल्प भी चुन सकते हैं। सोया, फल और कुछ सब्जियां कुछ अन्य महत्वपूर्ण खनिज और पोषक तत्व प्रदान कर सकती हैं जैसे विटामिन डी, विटामिन के, पोटेशियम और मैग्नीशियम जो हड्डियों के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। सोया, फल और कई ऐसी सब्ज़ियां हैं जो ज़रूरी खनीज और विटामिन-डी, विटामिन-के, पोटैशियम और मेगनेशियम जैसे ज़रूरी पोषक तत्व प्रदान कर सकती हैं, जो हड्डियों के लिए भी ज़रूरी है।

3. वीगन खाना स्वस्थ पौधे-आधारित वसा और जैतून जैसे तेल में बनाते हैं। ये महत्वपूर्ण फैटी एसिड भी प्रदान करते हैं और लिपोप्रोटीन के स्तर को भी नियंत्रित करते हैं, जिससे दिल की बीमारियों का जोखिम कम होता है। साथ ही वीगन मांसाहारी और शाकाहारी लोगों से कम कैलोरी खाते हैं क्योंकि उनकी डाईट में फाइबर का स्तर काफी ऊंचा होता है, जिसमें कम खाकर ही आपका पेट भर जाता है। इसलिए वीगन डाइट आपको टाइप-2 डायबिटीज़ और दिल की बीमारियों से बचाती है।

4. बी-12 ज़्यादातर मांस, अंडे और डेयरी उत्पादों में पाया जाता है। वीगन डाइट पर हैं तो आप या तो खाने से या फिर सप्लीमेंट्स से भी बी-12 प्राप्त कर सकते हैं। इसी तरह, आपको आयरन सप्लीमेंट्स लेने की आवश्यकता हो सकती है क्योंकि मांसाहारी भोजन में पाया जाने वाला आयरन सब्ज़ियों में पाया जाने वाले आयरन की तुलना पचाना आसान होता है। 

5. वीगन डाइट आपके हाई कैलोरी खाने की खपत को कम कर सकता है और हाई फाइबर खाद्य पदार्थों का सेवन बढ़ा सकता है। इसका नतीजा ये निकलता है कि आपका वज़न कुछ हद तक कम हो जाता है। हालांकि, इस बात का ख्याल रखें कि आपके शरीर को ज़रूरी पोषण ज़रूर मिले। 

6. वीगन डाइट न सिर्फ सेहत के लिए बल्कि पर्यावरण के लिए भी काफी अच्छी होती है। जानवरों के प्रति क्रूरता के खिलाफ खड़े होने से लेकर ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने में मदद करने तक, एक वीगन डाइट सबके लिए बेस्ट है। 

7. अगर आप और आपके पार्टनर या फिर मां-बाप वीगन डाइट को ट्राइ करना चाहते हैं तो ठीक है लेकिन आपके बच्चों के लिए शायद ये सही ऑप्शन नहीं होगा। बढ़ती उम्र में बच्चों को दिमाग़, हड्डियों और सेहत के लिए कई तरह के विटामिन और मिनरल्स की ज़रूरत होती है जो शायद वीगन डाइट पूरी न कर सके।

Disclaimer: इस लेख को सिर्फ एक ऑपिनियन की तरह लें। अगर आप या आपके बच्चे वीगन डाइट अपनाना चाहते हैं तो डॉक्टर या डाइटीशियन से ज़रूर सलाह करें।   

Posted By: Ruhee Parvez

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