थॉयराइड हाल-फिलहाल कुछ सालों से आम समस्या बन चुकी है लेकिन इसे दूर करना उतना मुश्किल नहीं। महज कुछ आसानों क रोजाना अभ्यास से आप काफी हद तक इसे कंट्रोल कर सकते हैं। तो विश्व थॉयराइड दिवस के मौके पर आइए जानते हैं इन आसनों को करने का तरीका और इसके अन्य फायदों के बारे में...

सेतुबंधआसन

योगा मैट पर सीधे पीठ के बल लेट जाएं और अपने दोनों हाथों व पैरों के सीधा रखें। अब घुटनों को मोड़े और कूल्हे के पास ले आएं। हाथों से पैर की एड़ियों को पकड़ लें। अब धीरे-धीरे अपने कूल्हे को ऊपर उठाएं। आपका सिर और कंधे मैट पर ही रहेगा इस आसन में आप 10 से 15 सेकंड के लिए रूकें और फिर से प्रारंभिक स्थिति में आ जाएं। 2 से 3 बार इस आसन को करें। यह आसन थायरायड के साथ ही रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाता है और डाइजेशन सुधारता है।

हलासन

हलासन को करने के लिए योगा मैट बिछाकर पीठ के बल लेट जाएं। अब अपने दोनों पैरों को कमर के यहां से मोड़ें और हाथों से कमर को सहारा देते हुए पैरों को ऊपर उठाएं।  अब दोनों पैरों को धीरे-धीरे अपने सिर के पीछे की ओर जमीन से लगाने की कोशिश करें। इस स्थिति में अपने क्षमता के अनुसार रूकें। फिर वापस आ जाएं। इस आसन में आपकी आकृति एक हल के समान दिखाई देती हैं। थॉयराइड के लिए यह आसन रामबाण है इसके अलावा अन्य बीमारियों जैसे दमा, कफ, मधुमेह और पाचन सम्बन्धी समस्या भी दूर करता हैं। 

भुजंगासन

भुजंगासन यानि कोबरा पोज़ थायराइड की समस्या से राहत पाने के लिए बहुत ही अच्छा आसन होता हैं, इसके साथ ही यह गर्दन और पीठ के दर्द को भी कम करने में मदद करता हैं इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं। हाथों को कोहनी के मोड़ें और अपनी छाती के साइड में रखें। अब अन्दर की ओर सांस लेते हुए अपने सिर को ऊपर की ओर उठाएं। शरीर का पिछला हिस्सा यानि कमर से लेकर पैर तक जमीन पर ही रहेंगे।इस आसन में कम से कम 20 से 30 सेकंड तक रूकें फिर सांस बाहर छोड़ते हुए अपने सिर को नीचे करें। थायराइड ग्रंथि को नियमित करने के साथ ही यह ब्लड सर्कुलेशन सुधारता है स्पाइन को लचीला बनाता है। इससे तनाव और थकान की समस्या भी काफी हद तक कम हो जाता है। 

Pic Credit- Freepik 

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