आंखों से जुड़े व्यायामों को रोजाना और आराम से करने का अभ्यास करना चाहिए और तुरंत दो से तीन दिनों में ही इसका असर दिखने लगेगा ये सोचकर बिल्कुल न चलें। आंखों से जुड़ी समस्याएं एकाएक नहीं होती तो ऐसे ही व्यायाम वगैरह के भी फायदे मिलने में कुछ महीने या उससे भी ज्यादा वक्त लग सकता है। बस इत्मीनान रखें क्योंकि फायदों तो मिलते ही हैं। साथ ही इससे चश्मे का नंबर भी कम किया जा सकता है।

तैयारी

इन अभ्यासों को शुरु करने से पहले आंखों पर ठंडे पानी के छीटें मार लें।

हथेलियों में पानी भरकर उसमें आंखों को खोले और बंद करें।

इससे आंखों में ब्लड का सर्कुलेशन सही तरह से होता है।

आंखों के लिए व्यायाम

1. नाक की ओर देखना

दाहिने हाथ  की मुट्ठी बनाकर सीधा करते हुए नाक की सीध में रखें। अब हाथों को मोड़ते हुए धीरे-धीरे अंगूठे को नाक पर रखें। आंखें अंगूठे को ही देखती होनी चाहिए। कुछ सेकेंड ऐसे बने रहें। फिर हाथों को सीधा करें और फिर नीचे। यह एक चक्र पूरा हुआ। ऐसा कम से कम 5 बार करें।

फायदे

यह आंखों की मसल्स को स्ट्रेच करता है और आखों के फोकस करने की क्षमता में सुधार लाता है।

2. गोल-गोल घुमाना

सीधे बैठ जाएं हाथों को सीधा करके मुट्ठी बना लें। अब पहले हाथों को बाईं ओर फिर ऊपर फिर दाईं ओर ले जाएं। जैसे-जैसे हाथ चलेंगे वैसे-वैसे आपकी आखें। इस अभ्यास को भी 10-15 बार करने का प्रयास करें।

फायदे

इससे भी आंखों की मसल्स एक्टिव होती हैं, तनाव दूर होता है।

3. सामने और तिरछे देखना

दांयी भुजा को दाएं ओर फैलाकर इस तरह से रखें कि अंगूठा ऊपर की ओर रहें। सिर को बिना घुमाए आंखों को बाएं अंगूठे पर फोकस करें फिर दाहिने अंगूठे पर औऱ फिर बाएं अंगूठे पर वापस लाएं।

फायदे

इससे आंखों की मसल्स में समन्वयता बनी रहती है।

4. ऊपर-नीचे करना

दोनों मुट्ठियों को इस प्रकार बंद करें कि अंगूठे ऊपर की ओर रहें। अब पहले धीरे-धीरे अंगूठे को नीचे ले जाएं फिर ऊपर की ओर। ऐसा करते वक्त आंखें भी अंगूठे के साथ ऊपर-नीचे होती रहनी चाहिए।

फायदे

इस अभ्यास से नेत्र गोलकों के ऊपर एवं नीचे की पेशियों में संतुलन लाता है।

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Edited By: Priyanka Singh