नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। COVID-19 Vaccine: भारत में कोरोना वायरस वैक्सीन लगाने की शुरूआत हो चुकी है। इससे पहले दुनिया के कुछ हिस्सों में भी कोरोना वायरस वैक्सीन लगाने की शुरूआत हो चुकी है। Covid-19 संक्रमण के प्रसार को फैलने से रोकने के लिए आवश्यक सावधांनियां जरूूरी है। हालांकि, लोगों में वैक्सीन को लेकर कई तरह के सवाल हैं। कुछ लोगों का कहना है कि वैक्सीन लगाने के बाद आजादी से घूम सकेंगें, लेकिन SARS-CoV-2 वायरस के खिलाफ वैक्सीन होने का मतलब यह नहीं है कि हम अब बिना मास्क के ग्रुप में पहले की तरह आज़ादी से बाहर घूम सकेंगे। हाथों को धोना, मास्क पहनना और शारीरिक दूरी बनाए रखना, वैक्सीन लगने के बाद भी जारी रखना पड़ेगा। 

वैक्सीन के बावजूद क्यों ज़रूरी है स्वच्छता

हैंडवॉशिंग को कोरोनो वायरस संक्रमण और अन्य बीमारियों को रोकने के लिए एक प्रभावी उपकरण के रूप में पहचाना गया है। साबुन से हाथ धोना SARS-CoV-2 वायरस के खिलाफ बचाव का सबसे अच्छा तरीका है। कोविड-19 संक्रमण से बचने के लिए हाथ धोना न सिर्फ महत्वपूर्ण है, बल्कि यह कई अन्य संक्रमणों से बचने में भी मदद कर सकता है, जो हमारे स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं।

विभिन्न वस्तुओं और सतहों पर मौजूद रोगाणु हमारे उन चीज़ों को छूने से हाथों पर आ जाते हैं, और अगर हम बिना हाथ धोए, उन्हीं हाथों से अपने चेहरे, आंखों, नाक को छूते हैं, तो वायरस का संक्रमण फैलता है। दरवाज़ें के हैंडल, लिफ्ट के बटन, डिलीवरी पैकेज जैसी चीज़ों पर वायरस लंबे समय तक रह सकता है और अगर हम अपने हाथों को धोए बिना चेहरे को छूते हैं, तो संक्रमण फैलने की संभावना अधिक हो जाती है। कोविड-19 संक्रमण से बचने के लिए शारीरिक दूरी और मास्क पहनने के साथ-साथ हैंडवॉशिंग एक प्रमुख प्रोटोकॉल है।

हाथों को धोने या सैनीटाइज़ करना कब ज़रूरी है?

डॉक्टरों के मुताबिक, आपको इन मौकों पर अपने हाथों को धोना या सैनीटाइज़ करना ज़रूरी है: 

- हाथों में छींकने के बाद। 

-दरवाज़े के हैंडल या नॉब या फिर लिफ्ट के बटन को छूने पर।

- कार, सीड़ियों के रेलिंग, मेट्रो या फिर सार्वजनिक परिवाहन से उतरने के बाद।

- बाज़ार से खरीदी सब्ज़ियों, पैकेज को छूने के बाद।

- मास्क को पहनते या उतारते वक्त

- खाना खाने से पहले या बाद में या फिर खाने को छूने से पहले।

- कच्चा मांस, पोल्ट्री प्रोडक्ट्स या मच्छली को छूने के बाद।

- कूड़े को छूने के बाद या फिर गंदे सतहे जैसे कूड़े का बिन, सफाई का कपड़े को छूने पर।  

- किसी और व्यक्ति की नाक साफ करने के बाद।

- दवाइयों को लेने से पहले।

- जब किसी बीमार व्यक्ति की सेवा कर रहे हों तब, या फिर खून या उल्टी या थूक के संपर्क में आने पर।

- किसी तरह के घाव का इलाज करते वक्त।

- कॉन्टेक्ट लेन्स पहनने से पहले।

- पाल्तू जानवरों के साथ होने पर।

- वॉशरूम का इस्तेमाल करने के बाद। 

Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

 

Edited By: Ruhee Parvez