नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Symptoms Of Tonsillitis: बदलते मौसम की वजह से इन दिनों कई लोगों को गले में दर्द की शिकायत हो जाती है। आमतौर पर गले में होने पर लोग अपने आप से उपाय करते हैं, लेकिन बेहतर यही है कि गले में दर्द बढ़ने पर घरेलू नुस्खे या खुद से कोई दवा लेने की जगह सीधे डॉक्टर से संपर्क किया जाए। ऐसा इसलिए क्योंकि गले का दर्द कई तरह के इंफेक्शन के साथ टॉन्सिलाइटिस का शुरुआती लक्षण भी हो सकता है। अगर समय पर इसका इलाज न हुआ तो दर्द बहुत अधिक बढ़ सकता है और साथ ही बुखार भी आ सकता है। 

क्या होता है टॉन्सिलाइटिस

हमारे गले के दोनों तरफ अंग हैं जिन्हें टॉन्सिल्स कहा जाता है। किसी तरह के बैक्टीरिया या इंफेक्शन के संपर्क में आने पर इनमें सूजन आ जाती है, जिससे कुछ भी खाने-पीने के साथ सलाइवा निगलने में भी बेहद दर्द होता है। आमतौर पर इनका रंग हमारी जीभ जैसा यानी गुलाबी रंग का होता है लेकिन इंफेक्शन होने पर यह सुर्ख लाल हो जाते हैं और इन पर सफेद स्पॉट भी दिखाई देने लगते हैं। टॉन्सिलाइटिस होना इस बात का संकेत होता है कि आपका शरीर संक्रमण की चपेट में आ चुका है। 

ऐसे होते हैं लक्षण

- गले में दर्द और खराश

- गले से लेकर कानों तक दर्द होना

- निगलने में दिक्कत होना

- बुखार आना

- आवाज़ प्रभावित होना

- गले में दर्द के साथ सिरदर्द होना

- टॉन्सिल्स में दर्द होना और गला सूज जाना

- छोटे बच्चों में इसके कारण पेट में दर्द जैसे लक्षण भी होते हैं।

- गर्दन में दर्द

कैसे होता है टॉन्सिलाइटिस?

टॉन्सिलाइटिस टॉन्सिल के जीवाणु या वायरल संक्रमण के कारण होता है। टॉन्सिलाइटिस के ज़्यादा मामले वायरल इंफेक्शन की वजह से ही होते हैं और बाकि बैकटीरियल टॉन्सिलाइटिस स्ट्रेप्टोकोकस योजीन (streptococcus pyogenes) की वजह से होते हैं। 

वो वायरस जो टॉन्सिलिटिस इंफेक्शन की वजह बन सकते हैं:

1. पैराइंफ्लूएंज़ा वायरस

2. मीज़ल्स वायरस

3. हर्पीज़ सिम्प्लेक्स वायरस

4. इंफ्लूएंज़ा वायरस 

Posted By: Ruhee Parvez

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