नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Sleeping Trick: रात को अच्छी नींद लेना किसी लक्ज़री से कम नहीं है। कुछ लोगों को रात में अच्छी नींद आ जाती है, तो कुछ लोग करवटें ही बदलते रह जाते हैं। फिर आप सोने से पहले चाहे कुछ भी कर लें, एक अच्छी नींद सपने जैसी लगने लगती है। नींद न पूरे होने की वजह से आंखों के नीचे काले घेरे, भूलने की बीमारी या फिर मूड में बदलाव जैसी दिक्कतें शुरू हो जाती हैं।

अगर आप भी उन लोगों में से हैं, जिन्हें लंबे समय से अच्छी नींद नसीब नहीं हुई है, तो हमारे पास इसका आसान सा इलाज है। जब आप सोने जाएं, तो कोशिश करें कि पीठ के बल ही सोएं, इससे आपकी कई तरह की दिक्कतें दूर हो जाएंगी।

पीठ के बल सोना कैसे होता है फायदेमंद

हम सभी को एक ख़ास पोज़ीशन में सोने में आराम पहुंचता है और अच्छी नींद आती है। कुछ लोग करवट लेकर सोना पसंद करते हैं, तो कुछ पेट के बल सोते हैं। आपको जो भी पोज़ीशन सोने में अच्छी लगती है, उसको चुन सकते हैं, लेकिन अगर आपको अक्सर नींद न आने की दिक्कत रहती है, तो फिर पीठ के बल सोना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। पीठ के बल सोना जिसे 'सुपाइन स्लीपिंग' भी कहा जाता है, के कई फायदे होते हैं, जिसमें सबसे ख़ास है अच्छी नींद आना।

लगातार पीठ के बल सोने से आपकी स्पाइन का शेप सही रहता है, मांसपेशियों में टेंशन कम होता है, साइनस में जमाव कम होता है और सीने से दबाव भी कम होता है। यह सारी वही पेरशानियां हैं, जिनसे आपकी रातों की नींद ख़राब होती है।

पीठ के बल सोने के बाकी फायदे

शुरुआत में अपने शरीर को बिल्कुल सीधा यानी पीठ के बल सोने की आदत डालना मुश्किल हो सकता है, लेकिन समय के साथ आपको इसकी आदत पड़ जाती है। सोते समय एक तरफ करवट ले लेने में कोई दिक्कत नही है। पेट के बल सोने के अलावा सोने की सभी पोज़ीशन अच्छी हैं। आपको किस पोज़ीशन में आराम मिलता है, सब उसी पर निर्भर करता है। सोने की बाकी पोज़ीशन्स के मुकाबले पीठ के बल सोने में आपको और भी कई फायदे मिलेंगे।

रात में चैन की नींद आने के अलावा पीठ के बल साने से:

एसिड रिफलक्स कम होता है: पीठ के बल सोने से एसिड रीफलक्स की दिक्कत दूर होती है और पाचन क्रिया बेहतर होती है। सोते समय ध्यान रखें कि आपका सिर उठा हुआ रहे, ताकि खाने की नली आपके पेट से ऊपर ही रहे।

झुर्रियां कम होती हैं: कुछ शोध कहते हैं कि सोते समय अगर आपका चेहरा ऊपर की तरफ होता है, तो उम्र के साथ झुर्रियां पड़ने के आसार कम हो जाते हैं। अगर आप चेहरे को तकिए में गुसाकर सोते हैं, तो झुर्रियां पड़ने के आसार बढ़ जाते हैं।

आंखों की सीजन कम होना: पीठ के बल सोने से शरीर में पानी का जमाव भी नहीं होता और साथ ही आखों के नीचे ख़ून का जमाव भी नहीं होता। जिसकी वजह से जब आप सोकर उठते हैं, तो आंखें सूजी हुई नहीं दिखतीं।

नींद को कैसे सुधारें

सोने की पोज़ीशन को बदलना एक तरीका है, इसके अलावा आप कुछ और चीज़ें भी कर सकते हैं, जिससे आपकी नींद बेहतर हो सकती है। आपकी नींद असल में कई तरह के फैक्टर्स पर निर्भर करती है, जैसे, बिस्तर, तकिया और सोने का वातावरण। अगर आप अपनी नींद को सुधारना चाहते हैं तो ये 5 काम करें:

- सही गद्दा ख़रीदें, जिससे आपकी स्पाइन को सपोर्ट मिलने के साथ शरीर को आराम भी पहुंचे।

- गर्दन के लिए अच्छा सपोर्ट खरीदें।

- घुटने और कमर को सपोर्ट देने के लिए तकिया रखें।

- सोने से पहले स्ट्रेचिंग करें।

- लंबी सांसे लें।

- रोज़ाना एक ही समय पर सोएं।

Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

Edited By: Ruhee Parvez