नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Coronavirus & Underlying Diseases: कोरोनो वायरस महामारी ने दुनिया के लगभग सभी हिस्सों में चिंता और दहशत पैदा कर दी है, लेकिन बुज़ुर्गों, मधुमेह और हृदय की समस्याओं, धूम्रपान करने वाले लोगों और गर्भवती महिलाओं को COVID-19 के लिए उच्च जोखिम वाली श्रेणी में रखा गया है।

दुनिया भर के डॉक्टरों ने यही सलाह दी है कि ये लोग अतिरिक्त एतियात बरतें क्योंकि मृत्यु दर रुझान बताते हैं कि दिल के मरीज़, डायबिटिक, गर्भवति महिलाएं आदि इस वायरल संक्रमण के सबसे ज़्यादा शिकार हो रहे हैं। 

अमेरिका के सेंटर फॉर डिज़ीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेंशन, द्वारा साझा की गई पहली रिपोर्ट में, CDC ने बताया है कि वायरल संक्रमण के परिणाम उन लोगों के लिए कितने बुरे हो सकते हैं, जिन्हें पहले से ही दिल, फेफड़े या किडनी से जुड़ी समस्याएं हैं।

CDC के मुताबिक, 784 डायबिटिक मरीज़ों में से आधे अस्पताल में भर्ती हैं और उनमें से 19 प्रतिशत को आईसीयू में रखा गया है। इसी तरह, फेफड़ों से जुड़ी बीमारी से ग्रस्त 656 मरीज़ों में से एक तिहाई अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से 94 आईसीयू में हैं। वहीं, 213 किडनी के मरीज़ों में से दो तिहाई अस्पताल में भर्ती हैं और इनमें से 56 आईसीयू में हैं। जो लोग धूम्रपान करते थे या करते हैं, उनके आंकड़े काफी खराब हैं। 

हालांकि, अमेरिका का पहला ऐसा डेटा है, जिसमें अस्पताल में भर्ती लोगों का बड़े पैमाने पर आंकलन किया है, लेकिन इसे बनाने वाले ने यह ज़रूर लिखा है कि ये डाटा अधूरा है और जैसे-जैसे और मामले सामने आते हैं वैसे ही इसके आंकड़े बदल भी सकते हैं। उन्होंने यह भी मानाकि डेटा में मृत रोगी शामिल नहीं हैं क्योंकि उनका मेडिकल इतिहास ट्रैक करना मुश्किल था।

हालांकि, दुनिया के बाकी देशों में भी इसी तरह के आंकड़े देखने को मिल रहे हैं, जहां पहले से गंभीर बीमारी से ग्रस्त, बुज़ुर्ग और धूम्रपान करने वाले लोगों को कोरोना वायरस से संक्रमित होने का बड़ा ख़तरा है।

Posted By: Ruhee Parvez

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