वुहान [चीन], एजेंसी। 10 लाख वयस्कों पर हुए एक अध्ययन में पाया गया कि ब्लैक, ग्रीन या ऊलोंग चाय के संतुलित इस्तेमाल से टाइप-2 डायबिटीज का खतरा कम हो जाता है। ऊलोंग चीन की एक विशेष प्रकार की पारंपरिक चाय है। टाइप-2 डायबिटीज में शरीर इंसुलिन का समुचित इस्तेमाल बंद कर देता है, जिसके कारण शुगर का स्तर असंतुलित हो जाता है।

अध्ययन निष्कर्ष स्टाकहोम में 19-23 सितंबर तक चले यूरोपियन एसोसिएशन फार द स्टडी आफ डायबिटीज (ईएएसडी) के वार्षिक सम्मेलन में प्रस्तुत किया गया। चीन समेत आठ देशों में किए गए इस अध्ययन में बताया गया है कि रोजाना कम से कम चार कप चाय पीने से औसतन 10 वर्षों की अवधि में टाइप-2 डायबिटीज का खतरा 17 प्रतिशत कम हो जाता है।

जिन वयस्कों ने प्रति दिन 1-3 कप चाय पी थी, उनमें टी2डी का 4% कम जोखिम था, जबकि प्रति दिन कम से कम 4 कप पीने वालों में 17% कम जोखिम था।

वुहान यूनिवर्सिटी आफ साइंस एंड टेक्नोलाजी से जुड़े अध्ययन के प्रमुख लेखक शिया¨यग के अनुसार, ''हमारे परिणाम रोमांचक हैं, क्योंकि दिन में चार कप चाय पीने का काम कोई भी आसानी से कर सकता है और इसके कारण उसमें टाइप-2 डायबिटीज का खतरा कम हो जाता है।' नियमित रूप से चाय पीने से शरीर को फायदा होने की बात पहले के अध्ययनों में सामने आ चुकी है, क्योंकि इसमें कई प्रकार के एंटीआक्सिडेंट व एंटी-इंफ्लेमेटरी यौगिक पाए जाते हैं। लेकिन, यह स्पष्ट नहीं था कि चाय पीना टाइप-2 डायबिटीज से बचाव में फायदेमंद हो सकता है अथवा नहीं।

यह भी पढ़ें- Diabetes Diet: डायबिटीज़ के मरीज़ों को ये 4 तरह के फल ज़रूर खाने चाहिए!

Edited By: Babli Kumari

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट