नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Oxford Vaccine: ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और एस्ट्राज़ेनेका द्वारा विकसित किया जा रहा कोरोना वायरस की एक वैक्सीन साल के अंत तक दुनिया भर में उपलब्ध हो जानी चाहिए। फर्म के डायरेक्टर जनरल का कहना है कि ये वैक्सीन 'लागत मूल्य पर' उपलब्ध कराई जाएगी। 

पेस्कल सोरियट ने कहा, "हमारा मकसद है कि हम इस वैक्सीन को सभी तक और समान रूप से पहुंचाएं। लाभ कमाना हमारा उद्देश्य नहीं है, इसलिए लागत मूल्य पर वैक्सीन मिलेगी। इसक वैक्सीन को बनाने की कीमत प्रति यूनिट लगभग 2.5 यूरोज़ हैं, यानी 2.8 डॉलर और भारतीय करंसी में 209.56 रुपए।"

इस वैक्सीन के तीसरे ट्रायल के नतीजे सितंबर-अक्टूबर के आसपास आएंगे। सोरियट का कहना है, "हमें उम्मीद है कि साल के अंत तक हम वैक्सीन का उत्पादन करने में सक्षम होंगे..अगर सब ठीक रहा तो उससे थोड़ा पहले।"

इस वैक्सीन के शुरुआती ट्रायल के नतीजों को करीब से देखा जा रहा है। अभी तक ये वैक्सीन सुरक्षित पाई गई है और साथ ही इम्यून सिस्टम को मदद भी मिल रही है।

इसके अलावा अमेरीकी समुह जॉनसन एंड जॉनसन ने भी "गैर-लाभकारी" मूल्य पर वैक्सीन उपलब्ध कराने का वादा किया है। इसके विपरीत प्रतिद्वंद्वी फाइज़र, मर्क और मॉडर्ना ने मंगलवार को अमेरिकी सांसदों के समक्ष पुष्टि की कि वे लागत पर वैक्सीन नहीं बेचेंगे।

सोरियट ने कहा कि वैक्सीन ने स्टेज 1 और 2 में अच्छा प्रदर्शन किया और यह सुझाव दिया कि यह गंभीर दुष्प्रभावों के बिना अच्छी सहनशीलता की पेशकश करती है।

 सोरियट ने कहा कि वैक्सीन ने स्टेज 1 और 2 में अच्छा प्रदर्शन किया और यह सुझाव दिया कि यह गंभीर दुष्प्रभावों के बिना अच्छी सहनशीलता की पेशकश करती है। इससे पहले कि उत्पाद को अंतिम रूप दिया जा सके, स्टेज 3 परीक्षणों को बड़े पैमाने पर किया जाएगा।

चीन के वुहान शहर में, जहां पिछले साल के अंत में कोरोना वायरस सबसे पहले पाया गया। वहां हुए एक अलग परीक्षण में देखा गया कि, जहां अधिकांश लोगों में एंटीबॉडी इम्यून रेसपॉन्य विकसित हो गया है। इस परीक्षण में 500 से अधिक लोग शामिल थे।

 

Edited By: Ruhee Parvez