नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Honey For Diabetes: शहद को आमतौर पर चीनी के एक हेल्दी विकल्प की तरह देखा जाता है। लोगों को इसका स्वाद भी बेहद पसंद आता है, इसलिए इसे चाय, डेज़र्ट आदि में इस्तेमाल भी किया जाता है। इसके अलावा जो लोग खांसी, ज़ुकाम या गले की खराश से परेशान होते हैं, शहद उन्हें भी फायदा करता है। शहद को मधुमक्खियां बनाती हैं, जो एंटीऑक्सीडेंट्स, एंटीइंफ्लेमेटरी गुणों, राइबोफ्लाविन, कार्ब्स और फ्लेवनॉइड्स से भरा होता है, जो पूरी सेहत को फायदा पहुंचाता है।

शहद को लेकर हैरान करने वाली नई रिसर्च

न्यूट्रिशन रिव्यूज़ जर्नल में प्रकाशित, टोरंटो विश्वविद्यालय द्वारा की गई एक स्टडी के शोधकर्ताओं ने पाया कि शहद न सिर्फ आम लोगों, बल्कि डायबिटीज़ और हाई कोलेस्ट्रॉल के मरीज़ों को भी फायदा पहुंचाता है। हाई कैलोरी और उच्च चीनी होने के बावजूद यह ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नुकसान नहीं पहुंचाता।

डायबिटीज़ में कैसे फायदा करता है शहद

शहद को दुनियाभर में सुरक्षित स्वीटनर्स में से एक माना जाता है, जिसमें फैट्स की मात्रा न के बराबर होती है। इसलिए शहद का सेवन खासतौर से डायबिटीज़ और हाई कोलेस्ट्रॉल के मरीज़ों के लिए फायदेमंद माना जाता है। स्टडी में शामिल 1100 प्रतिभागियों के विश्लेषण से एक्सपर्ट्स ने पाया कि शहद का कार्डियोमेटाबॉलिक सेहत पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। हालांकि, शोध में कच्चे शहद को फायदेमंद पाया गया।

कच्चे शहद और प्रोसेस्ड शहद में क्या फर्क है?

शोध में शामिल कुछ प्रतिभागियों ने रोज़ एक चम्मच कच्चा शहद या फिर एक ही फूल के शहद का सेवन किया, जिससे कई फायदे हुए। वहीं, जिन्होंने प्रोसेस्ड शहद खाया, उनमें सेहत को लेकर किसी तरह के फायदे नहीं देखे गए।

शहद में 80 फीसदी नैचुरल चीनी होती है, जो डायिबिटीज़ के मरीज़ों के लिए सेहतमंद नहीं माना जाएगा, क्योंकि इससे ब्लड शुगर का स्तर तुरंत हाई हो सकता है। लेकिन हैरानी की बात है कि कच्चा शहद इस तरह का नुकसान नहीं करता। शहद में प्रोटीन, ऑरगैनिक एसिड्स, दुर्लभ शर्करा और बायोएक्टिव कंपाउंड होते हैं, जो इसे हेल्दी बनाते हैं।

डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए कैसे फायदेमंद होता है शहद?

टाइप-1 या फिर टाइप-2 डायबिटीज़ के मरीज़ बिना किसी डर के शहद का मज़ा उठा सकते हैं, क्योंकि इसके फेनोलिक यौगिक और फ्लेवोनोइड्स रक्त के थक्कों को रोकते हैं और सूजन और ऑक्सीडेटिव तनाव को कम कर दिल की बीमारियों के जोखिम को कम करते हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि डायबिटीज़ के मरीज़ों को कच्चा शहद या फिर फूल वाले शहद का ही सेवन करना चाहिए, जो किसी भी तरह के प्रिज़रवेटिव, अतिरिक्त चीनी और प्रोसेसिंग से बचे होते हैं। यानी शहद खाइए, लेकिन प्रोसेस्ड वाला नहीं। इसके अलावा शहद में एंटीमाइक्रोबियल गुण भी होते हैं, जो घाव को जल्द भरने और खांसी में आराम दिलाते हैं।

Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

Picture Courtesy: Freepik

Edited By: Ruhee Parvez

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