नई दिल्ली, जेएनएन। मानसून की शुरुआत न सिर्फ जुलाई की झुलसाने वाली गर्मी से लोगों को राहत देती है लेकिन साथ ही कई बीमारियों को भी जन्म देती है। डेंगू और चिकनगुनिया दोनों के मामले पिछले कई सालों में खतरे की चेतावनी देते रहे हैं।

प्लेटलेट्स हो जाती हैं कम

तंदुरुस्त व्यक्ति के शरीर में डेढ़ से दो लाख प्लेटलेट्स होते हैं। जरूरी नहीं है कि जिसे डेंगू हो, उसकी प्लेटलेट्स नीचे ही आएं। प्लेटलेट्स अगर एक लाख से कम हैं तो मरीज को फौरन अस्पताल जाना चाहिए। अगर प्लेटलेट्स गिरकर 20 हजार तक या उससे नीचे पहुंच जाएं तो प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत पड़ती है। 4050 हजार प्लेटलेट्स तक ब्लीडिंग नहीं होती। अगर प्लेटलेट्स तेजी से गिर रहे हैं, मसलन सुबह एक लाख थे और दोपहर तक 5060 हजार हो गए तो शाम तक गिरकर 20 हजार पर पहुंचे हो तो यह खतरनाक है। 

बरतें एहतियात

- डिस्प्रिन और एस्पिरिन कभी न लें, इससे प्लेटलेट्स कम हो जाती हैं। 

- ज्यादा मसालों वाला भोजन न करें 

- ठंडा पानी न पीएं

- मैदा और बासी खाना न खाएं।

- खाने में हल्दी, अजवाइन, अदरक, हींग का ज्यादासेज्यादा इस्तेमाल करें।

- तैलीय खाना खाने से बचे 

- पत्ते वाली सब्जियां, अरबी, फूलगोभी न खाएं।

- पूरी नींद लें, पानी को उबालकर पीएं।

- खूब पानी पीएं। छाछ, नारियल पानी, नीबू पानी आदि खूब पिएं।

- खुली जगह पर न सोएं  

ये चीजें देंगी राहत 

- अदरक, इलायची वाली हर्बल टी 

- पानी को घर में इकट्ठा न होने दें 

- प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए नारियल पानी पियें 

- नींबू का रस जरूर पियें 

- अदरक का पानी शरीर को देगा मजबूती 

- सब्जियों को उबालकर खाएं 

- गिलोय और पपीते का रस जरूर पिएं 

इलाज

- अगर मरीज को साधारण डेंगू बुखार है तो उसका इलाज व देखभाल घर पर की जा सकती है।

- डॉक्टर की सलाह लेकर पैरासिटामोल (क्रोसिन आदि) ले सकते हैं।

- बुखार 102 डिग्री फॉरेनहाइट से ज्यादा है तो शरीर पर पानी की पट्टियां रखें।

Posted By: Ruhee Parvez

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