डा. कुणाल दास। बदलते मौसम के साथ बदलती है प्रकृति और इसका असर हमारे शरीर पर पड़ता है। बारिश का मौसम गर्मी से राहत देता है, लेकिन इन दिनों संक्रामक बीमारियों का प्रसार अधिक होने के कारण सेहत के प्रति बहुत सजग रहने की जरूरत होती है। इन दिनों जुकाम, वायरल फीवर, खांसी के साथ ही दूषित पानी से होने वाली बीमारियां, जैसे डायरिया, डिसेंट्री, उल्टी, पेट दर्द, डिहाइड्रेशन, पीलिया आदि बीमारियां होने की आशंका बढ़ जाती है।

स्वच्छता बचाएगी संक्रमण से

बारिश के मौसम में ठेले पर बिकने वाली चीजों, जैसे चाट, गोल गप्पे, मोमोज, पकौड़े, आइसक्रीम आदि का सेवन कतई न करें। इस समय इनके दूषित होने की आशंका अधिक रहती है। अच्छा रहेगा कि घर का बना सादा खाना खाएं और घर से बाहर जाने पर पानी की बोतल साथ लेकर निकलें। पानी उबालकर ठंडा कर लें और इसे ही पीने व खाना बनाने में प्रयोग करें।

फूड प्वायजनिंग से बचें

बारिश में वायरस, बैक्टीरिया, मक्खी और अन्य कीटों की वजह से संक्रामक बीमारियां जल्दी फैलती हैं। इसलिए ताजे भोजन का सेवन करें। स्वच्छता के अभाव में फूड प्वायजनिंग का खतरा बढ़ जाता है। इसके साथ ही सब्जियां पकाने व फल खाने से पहले अच्छी तरह से धुल लें।

उपचार में न करें देरी

यदि किसी तरह का संक्रमण होता है तो खुद से किसी दवा का सेवन करने के बजाय चिकित्सकीय परामर्श लें। परिवार के अन्य सदस्य रोगी व्यक्ति के कपड़े, खाने के बर्तन, बिस्तर आदि साझा न करें।

  • खाना खाने से पहले हाथों को अच्छी तरह साबुन से धोएं
  • हरी पत्तेदार सब्जियों के सेवन से बचें या गर्म पानी से धुलने के बाद पकाएं
  • जरूरत के हिसाब से ही खाना बनाएं
  • घर में नमी, मच्छर व कीट-पतंगे न पनपने दें
  • बाहर के खाने से परहेज करें

Edited By: Sanjay Pokhriyal