कानपुर, लालजी बाजपेयी। सामान्य स्वस्थ्य और खुशहाल जिंदगी के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रहना बहुत जरूरी है। आधुनिक जीवनशैली और बदली सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों ने लोगों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित किया है। इसलिए मानसिक विकारों में अवसाद के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। आत्महत्या के तो अवसाद के कारण ही होते हैं। अवसाद एक चिकित्सीय स्थिति है, जो इस बात का संकेत है कि आपकी मानसिक स्थिति और जीवन की लय गड़बड़ा गई है।

जब मस्तिष्क को पूरा आराम नहीं मिल पाता और उस पर हमेशा दबाव बना रहता है तो समझिए कि आप अवसाद की गिरफ्त में आ चुके हैं। चिकित्सकीय भाषा में तनाव यानी शरीर के होमियोस्टैसिस में गड़बड़ी। यह वह अवस्था है, जो किसी व्यक्ति की शारीरिक, मानसिक और मनोवैज्ञानिक कार्यप्रणाली को असंतुलित कर देती है। तनाव के कारण शरीर के कई हार्मोंस का स्तर बढ़ता जाता है। इनमें एड्रीनलीन व कार्टिसोल प्रमुख हैं। लगातार तनाव की स्थिति अवसाद में बदल जाती है।

आत्महत्या और अवसाद: गहरे अवसाद से पीडि़त लोगों में आत्महत्या की भावना आने लगती है। उन्हें लगता है कि यही एक रास्ता है, जिससे उन्हें सारी समस्याओं से मुक्ति मिल जाएगी। वर्तमान में युवाओं में आत्महत्या की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ी है और इसका कारण अवसाद है।

अनुशासित हो जीवनशैली: अवसाद की चपेट में आने से बचने या अवसाद से बाहर निकलने के लिए सबसे जरूरी है कि अपने जीवन में संतुलन और अनुशासन को बनाए रखा जाए। भोजन में पर्याप्त मात्रा में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, मिनरल्स और विटामिंस का समावेश हो। अल्कोहल या अन्य नशे की चीजों से परहेज करें। नियमित एक्सरसाइज, योग व मेडीटेशन करें और पर्याप्त नींद लें। जो लोग मानसिक रूप से शांत रहते हैं, उन्हें अवसाद की समस्या कम होती है। मानसिक शांति के लिए नियमित ध्यान करें। वैज्ञानिकों ने भी साबित किया है कि ध्यान अवसाद, उत्तेजना और अनिद्रा को दूर करता है।

सकारात्मक रहें: जो लोग सकारात्मक विचारों के होते हैं, वे अपने जीवन की चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना करते हैं। ऐसे लोग हर हालात में खुश रहते हैं और धैर्य से काम लेते हैं। रिश्तों को बेहतर ढंग से निभाना और विपरीत परिस्थितियों से उबरना इनके लिए आसान होता है। इसलिए सोच सकारात्मक रखें और सकारात्मक सोच वाले लोगों के संपर्क में रहें।

[मनोरोग विशेषज्ञ डा. कलीम अहमद खान]

Edited By: Sanjay Pokhriyal