नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Black Sesame Benefits: भारतीय पकवानों में कई तरह के बीजों का इस्तेमाल होता आया है। ये न सिर्फ खाने में एक खास तरह का स्वाद लाते हैं, बल्कि डिश दिखने में भी कुछ अलग लगती है। इसके लिए खासतौर पर तिल का इस्तेमाल खूब होता है। तिल चाहे काला हो या सफेद ये दोनों का ही भारतीय पकवानों में बराबरी से उपयोग होता है। यहां तक कि हेल्थ एक्सपर्ट्स भी इन बीजों को अपनी डाइट में शामिल करने की सलाह देते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन यह ब्लड प्रेशर में सुधार कर स्ट्रोक के ख़तरे को कम करते हैं।

काले तिल में क्या है खास?

काले तिल को ब्लैक सेसमी भी कहा जाता है, जो कैल्शियम, फाइबर, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, तांबा, मैंगनीज़, कॉपर, आयरन और न जानें कितने पोषक तत्वों से भरा होता है। इसमें ज़रूरी माइक्रो-मिनरल्स भी होते हैं, जो सेल के काम, इम्यूनिटी में सुधार, मेटाबॉलिज़म को बढ़ावा देने का साथ ऑक्सीजन का सर्क्यूलेशन भी शरीर में बढ़ाते हैं। साथ ही ये मोनोअनसैचूरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड फैट्स का अच्छा स्त्रोत है। हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो हाई सैचूरेटेड फैट्स की जगह अनसैचुरेटेड फैट्स का सेवन दिल की बीमारियों, स्ट्रोक और हार्ट अटैक का जोखिम कम करता है।

हाई ब्लड प्रेशर के लिए क्यों अच्छा होता है काला तिल?

काला तिल मैग्नीशियम और फॉस्फोरस जैसे ज़रूरी पोषक तत्वों से भरा होता है, जो हाई ब्लड प्रेशर के स्तर में संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं। दिखने में छोटे-छोटे ये बीज स्ट्रोक, हार्ट अटैक के ख़तरे को कम करत हैं और हाइपरटेंशन कr संभावना को भी कम करते हैं। इसके अलावा काले तिल में सेसामिन नाम का कम्पाउंड भी होता है, जो हाई ब्लड प्रेशर के स्तर को कंट्रोल करने में मदद करता है।

काले तिल को डाइट में कैसे शामिल किया जा सकता है?

आप काले तिल के लड्डू, चटनी, सलाद, स्मूदी और करी में शामिल कर सकते हैं। इसका उपयोग सबसे ज़्यादा लड्डुओं में अच्छा लगता है।

Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह कर ही डाइट में शामिल करें।

Picture Courtesy: Freepik

Edited By: Ruhee Parvez

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