नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। काली मिर्च एक ऐसा गर्म मसाला है जो औषधीय गुणों से भरपूर है। यह ना सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाती है बल्कि सेहत को फायदा भी पहुंचाती है। इतना उपयोगी गर्म मसाला अगर मिलावटी हो जाए तो उसके इस्तेमाल से खाने में स्वाद नहीं आएगा और ना ही उसकी कोई उपयोगीता होगी।

काली मिर्च का सेवन सर्दी-खांसी से निजात पाने में और वज़न को कंट्रोल करने में किया जाता है। काली मिर्च पाचन को ठीक रखती है। इसमें ऐसे तत्व मौजूद होते हैं जो कैंसर तक से हिफ़ाज़त करते हैं। इतनी गुणकारी काली मिर्च में अगर नकली चीजें मिलाई जाती है तो इसका सेहत को कितना नुकसान होगा।

काली मिर्च में लोग अक्सर पपीते के बीज या घटिया ब्लैक बेरी मिलाते हैं। काली मिर्च में मिलावट की पहचान के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने साधारण जांच करने का तरीका बताया है। एफएसएसआई ने ट्विटर पर मिलावटी काली मिर्च की पहचान करने का तरीका बताया है।

 

 

 

 

 

 

 

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जांच का तरीका

  • सबसे पहले काली मिर्च के कुछ दाने को साफ टेबल पर रख दें।
  • इसके बाद काली मिर्च के दानों को ऊंगलियों से दबाएं।
  • अगर काली मिर्च में ब्लैक बेरी मिली हुई है तो आसानी से जल्दी दब जाएंगी।
  • अगर काली मिर्च में ब्लैक बेरी की मिलावट नहीं है, तो यह आसानी से नहीं दबेगी।

जांच का दूसरा तरीका

काली मिर्च में मिलावट की जांच करने के लिए एक गिलास में अल्कोहल लें। इसमें काली मिर्च के दाने को छोड़ दें। यदि पांच मिनट बाद भी कुछ बीज तैरते रहे तो उसमें पपीते के बीज या काली मिर्च के खोखली मिर्च की मिलावट की गई है। अब सवाल यह उठता है कि पपीते के बीज और काली मिर्च के खोखले बीजों में अंतर कैसे करें? अगर बीज उंगलियों से दबाने से टूट जाए तो वे खोखले बीज हैं। अगर नहीं है तो वे पपीते के बीज हैं। 

Edited By: Shahina Noor