यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 19, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
International Yoga Day 2025: आंखों की रोशनी बढ़ानी है, तो रोज करें 5 योगासन; एक्सपर्ट ने बताया तरीका
क्या आप जानते हैं कि हमारी आंखें पूरे दिन कितनी मेहनत करती हैं? स्क्रीन देखना पढ़ना ड्राइविंग करना -ये सब ...और पढ़ें

HighLights
- हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है।
- कुछ खास योगासन आंखों की रोशनी बढ़ा सकते हैं।
- रोजाना ये योगासन करने से आपको कई फायदे मिल सकते हैं।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। योग सिर्फ फिजिकल ही नहीं, बल्कि मेंटल हेल्थ के लिहाज से भी बेहद फायदेमंद होता है। आज के डिजिटल लाइफस्टाइल में ज्यादातर लोग मोबाइल, लैपटॉप और टीवी स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताते हैं, जिससे आंखों पर दबाव पड़ता है और आई साइट कमजोर हो जाती है।
ऐसे में, कुछ खास योगासन नियमित रूप से करने से आंखों की रोशनी को बेहतर बनाए रखा जा सकता है। आइए, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 के मौके पर आपको ऐसे 5 योगासन (Yoga For Eyesight) के बारे में बताते हैं। इसके लिए हमने विद्या झा (योगा एक्सपर्ट-आत्मा योग स्टूडियो, करमपुरा) से खास बातचीत की है।
त्राटक (Tratak)
त्राटक एक ध्यान केंद्रित करने की क्रिया है जिसमें किसी स्थिर वस्तु, जैसे जलती हुई मोमबत्ती की लौ को बिना पलक झपकाए देखा जाता है। यह अभ्यास नेत्र मांसपेशियों को मजबूत करता है, एकाग्रता बढ़ाता है और आई साइट तेज करता है।
पलमिंग (Palming)
इस क्रिया में हथेलियों को आपस में रगड़ कर गर्म किया जाता है और फिर हल्के से बंद आंखों पर रखा जाता है। इससे आंखों को आराम मिलता है, थकान कम होती है और आई साइट में सुधार होता है।
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आई रोटेशन एक्सरसाइज (Eye Rotation Exercises)
यह अभ्यास आँखों को ऊपर-नीचे, दाएं-बाएं तथा गोल घुमाने के माध्यम से किया जाता है। यह नेत्र स्नायु को सक्रिय करता है और लंबे समय तक स्क्रीन देखने से होने वाली थकान को कम करता है।
शवासन (Shavasana)
शवासन शरीर को गहरी शांति देता है और मानसिक तनाव को दूर करता है। तनाव से आंखों पर भी असर पड़ता है, इसलिए यह आसन अप्रत्यक्ष रूप से आई साइट में मदद करता है।
भ्रामरी प्राणायाम (Bhramari Pranayama)
यह एक शांतिदायक प्राणायाम है जिसमें मधुमक्खी जैसी ध्वनि निकाली जाती है। इससे मानसिक तनाव घटता है, जिससे आंखों में होने वाली जलन, सूखापन और थकान कम हो सकती है।
नोट: इन योगासनों को नियमित रूप से करने से आपकी आंखों की सेहत में सुधार आ सकता है। हालांकि, अगर आपको आंखों से जुड़ी कोई गंभीर समस्या है, तो किसी आई स्पेशलिस्ट से सलाह जरूर लें। योग केवल एक सपोर्टिव तरीका है, न कि किसी चिकित्सीय उपचार का विकल्प।
