नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। कोरोनावायरस इस तेजी से फैल रहा है कि इससे बचाव के जितने उपाय खोजें जा रहे हैं उतने कम लग रहे है। घर में अगर किसी एक शख्स को कोरोना हो जाएं तो पूरे परिवार के लिए परेशानी का सबब बन सकता है।  हम सभी जानते हैं कि वायरस और रोगाणु अत्यधिक संक्रामक हैं। परिवार का एक सदस्य बीमार पड़ जाए तो जल्द ही दूसरों में लक्षण दिखाई देने लगते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि बीमार व्यक्ति ठंड और फ्लू के कीटाणुओं को छोड़ता है जो कई दिनों तक सतहों पर रहते हैं। जब तंदुरूस्त आदमी इन दूषित सतहों के संपर्क में आते हैं तो वो भी बीमार पड़ने लगते है।

घर का कोई सदस्य कोरोना का शिकार हो गया है तो परिवार के बाकी सदस्यों की तंदुरूस्त बनाएं रखना जरूरी है। बीमार व्यक्ति घर में है तो उस कमरे से बच्चे और बुजुर्गों को दूर करें। घर को सबसे पहले कीटाणुरहित कीजिए ताकि परिवार के बाकी सदस्य इन कीटाणुओं के संपर्क में नहीं आ सकें। हम आपको बतातें है कि परिवार में किसी के बीमार होने के बाद आपके घर को कैसे कीटाणुरहित कर सकते हैं।

बीमार व्यक्ति को अलग-थलग कर दें: वायरस संक्रमण बीमार इनसान के खांसने, छींकने और बातचीज करने से फैलता है। बीमार व्यक्ति के आस-पास रोगाणु फैल कर आपको बीमार बना सकते है। इन रोगाणुओं को फैलने से रोकने के लिए, बीमार व्यक्ति को एक अलग कमरे में सीमित करना सबसे अच्छा है। इससे घर के बाकी हिस्सों में रोगाणु का संपर्क कम हो जाएगा और आपको कम हिस्से को साफ करना होगा।

आमतौर पर संपर्क में वाली चीजो़ं को कीटाणुरहित करें: घर में आमतौर पर छुए जाने वाले आइटम, जैसे काउंटर, डोरबॉर्न, रेफ्रिजरेटर हैंडल, रिमोट कंट्रोल और विशेष रूप से सेल फोन को कीटाणुरहित करना चाहिए। हालांकि इन चीजों को कीटाणुरहित करना आपकी सामान्य सफाई दिनचर्या का हिस्सा होना चाहिए। लेकिन जब कोई बीमार हो जाए तो ये प्रक्रिया अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। इन चीजों को साफ करने के लिए स्पंज की जगह डिस्पोजेबल पेपर का इस्तेमाल करना सबसे अच्छा है। स्पंज या तौलिये का उपयोग करने से कीटाणुओं के अन्य स्थानों पर फैलाने की संभावना बढ़ जाती है।

बेड: जब हम बीमार होते हैं तो हम अपना अधिकांश समय आराम करने में बिताते हैं। सर्दी या बुखार से पीड़ित होने पर हम ज्यादा समय बिस्तर पर समय बिताते है, ऐसे में बेड शीट और बाकी कपड़ों में रोगाणु या बैक्टीरिया छोड़ सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि उनका उपयोग करने के बाद बिस्तर की चादर, ताकिए को वॉश करें। यदि कमरे में कोई खिलौने हैं तो उन्हें भी वॉश करें।

ड्राइंग रूम: कोशिश करें कि लिविंग रूम के फर्नीचर को वॉशेबल कपड़े से कवर करें। रूम से सजावटी कुशन वगैरा को हटा दें। संभव हो तो व्यक्ति को अलग-थलग कुर्सी पर बैठाएं। टेबल कुर्सी और रिमोट को बार-बार साफ करें।

बाथरूम: बाथरूम कीटाणुओं और जीवाणुओं का घर हैं, इसलिए उसे जीवाणुरोधी कीटाणुनाशक से नियमित रूप से साफ किया जाना चाहिए। यदि आप बीमार व्यक्ति के साथ बाथरूम साझा कर रहे हैं, तो बाथरूम को नियमित रूप से साफ करें। बाथरूम का नल और डोर हैंडल अच्छे से साफ करें। सिंक और फर्श को अच्छी तरह से पोंछ लें। इसके अलावा, बीमार व्यक्ति के हाथ के तौलिए को साझा न करें क्योंकि इससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।

किचन: बीमार इनसान को किचन में दूसरों के लिए खाना पकाने से रोकें। किचन में बीमार इनसान के बर्तन वॉश करके अलग रखें।

बीमार व्यक्ति के कपड़े: बीमार व्यक्ति के तौलिये, बिस्तर और कपड़ों को अलग से साफ करें। उन्हें वॉशिंग मशीन में डालें और उसके बाद अपने हाथों को साफ करें। 

                    Written By Shahina Noor

Posted By: Shilpa Srivastava

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