मुंबई, लाइफस्टाइल डेस्क। How Soha's Life Changed After Daughters Birth: बॉलीवुड एक्ट्रेस और लेखिका सोहा अली खान एक नए स्वास्थ्य जागरुकता अभियान का समर्थन किया है। सोहा ने बताया कि उनकी बेटी इनाया के जन्म के बाद से उनकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में काफी बदलाव आए हैं। सोहा अपनी बेटी के सामने अपने जीने के तरीके के ज़रीए एक मिसाल पेश करने की कोशिश करती हैं।   

सोहा ने कहा, " मुझे लगता है कि मां बनने के बाद मुझमें और मेरी आदतों में काफी बदलाव आए हैं। क्योंकि मैं नहीं चाहती कि इनाया टीवी या फिर मोबाइल से चिपकी रहे इसलिए टीवी और मोबाइल से दूरी बना ली है खासकर तब जब वह आसपास होती है। बच्चे वही करते हैं जो अपने मां-बाप को करते देखते हैं।

सोहा ने कहा, " इनाया को सिखाने की बजाय, मैं चाहती हूं कि वह खुद देखकर सीखे। मैं नहीं चाहती कि वह आक्रमक बने इसलिए मैं खुद भी उसके सामने आक्रमक्ता से रिएक्ट नहीं करती। इसके अलावा बच्चे वही खाना चाहते हैं जो आप खा रहे हैं। जैसे कि हम जानते हैं कि चीनी सेहत के लिए कितनी हानिकारक है। क्योंकि इनाया को भी मेरी प्लेट से खाना पसंद है इसिलए मैंने चीनी का सेवन बंद कर दिया है। इसलिए यह कहना सही है कि इनाया के जन्म के बाद से मेरी आदतें भी बदल गई हैं।

 

 

 

 

 

 

 

 

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सोहा #MissionI अभियान का हिस्सा हैं इसलिए उन्होंने अपने विचार साझा करते हुए बताया कि वह इस अभियान का समर्थन क्यों कर रही हैं। सोहा ने कहा, "मुझे लगता है कि यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण पहल है जहां हम गर्भवती और नई मांओं के लिए आयोडीन के सेवन के बारे में जागरूकता पैदा कर रहे हैं जिन्हें आयोडीन की सबसे ज़्यादा ज़रूरत होती है।"

मुझे लगता है कि इन दिनों हम सभी इस बात को लेकर काफी सचेत रहते हैं कि हमें गर्भावस्था के दौरान क्या खाना चाहिए और फिट रहने के लिए कैसा वर्कआउट करना चाहिए लेकिन क्योंकि आयोडीन एक बहुत छोटा पोषक तत्व है, इसलिए हम इसे नज़रअंदाज़ भी कर देते हैं और वहीं से शरीर में आयोडीन की कमी शुरू होती है। आपको बता दें कि #MissionI की पहल टाटा नमक और हिंदुजा अस्पताल ने मिलकर मुंबई में शुरू की है।

उन्होंने यह भी बताया कि रोज़ाना अपनी डाइट में नमक की सही मात्रा शामिल करने से नई मांओं के लिए आयोडीन की आवश्यकता को पूरा करने का सबसे आसान तरीका है। सोहा ने इसके बारे में बताते हुए कहा, "गर्भावस्था के दौरान और बाद में भी, बच्चे के विकास पर आयोडीन का अविश्वसनीय प्रभाव पड़ता है। आयोडीन उन सूक्ष्म पोषक तत्वों में से एक है जिसका शरीर उत्पादन या रखरखाव नहीं करता है। इसलिए हमें आयोडाइज़्ड नमक की ज़रूरत पड़ती है। मैं अपने बच्चे को दूध पिला रही हूं और बच्चे के पहले पांच साल बहुत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि यह मस्तिष्क और हड्डियों के विकास का समय है और आयोडीन की कमी से गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं।"   

सोहा ने यह भी कहा, "मां-बाप होने के नाते जब हम एक बच्चे को इस दुनिया में लाने का फैसला करते हैं, तो बच्चे में कुछ अच्छी आदतों को शामिल कर एक स्वस्थ शरीर बनाने की ज़िम्मेदारी भी हमारी ही होती है।" 

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