नई दिल्‍ली, जेएनएन। Heart attack Symptoms Treatment And Home Remedies: साल की शुरुआत में हार्ट को सेहतमंद रखने के लिए ज्‍यादा उपाय करने जरूरी हैं, क्‍योंकि जनवरी में सबसे ज्‍यादा हार्ट अटैक केस होते हैं। अगर आप दिल या फेफड़ों से संबंधित परेशानी से जूझ रहे हैं तो इस मौसम में आपको अपने स्‍वास्‍थ्‍य का खास ख्‍याल रखने की जरूरत है।

ठंड के दिनों में कई तरह की बीमारियां लोगों को परेशान करना शुरू कर देती हैं। सदी, जुकाम और खांसी और बुखार को तो आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है लेकिन हार्ट संबंधी परेशानी आपको मौत के मुंह में पहुंचा सकती है। चिकित्‍सकों के मुताबिक पिछले कुछ सालों में ठंड के मौसम में हार्ट अटैक के पेशेंट लगातार बढ़ते जा रहे हैं।

चिकित्‍सक मानते हैं कि जनवरी में हार्ट पेशेंट की संख्‍या ठंड के कारण भी बढ़ती है। चिकित्‍सकों का मानना है कि इस मौसम में आर्टरीज सिकुड़ने लगती हैं। इससे ब्‍लड के जरिए हार्ट में पहुंचने वाली ऑक्‍सीजन में बाधा आने लगती है। इससे सीने में हल्‍का हल्‍का दर्द महसूस होता है। लापरवाही करने पर यह दर्द बढ़ जाता है और क्‍लॉटिंग शुरू हो जाती है।

चिकित्‍सकों के अनुसार क्‍लॉटिंग के कारण नसों में खून के थक्‍के जम जाते हैं इससे हार्ट में ब्‍लड सर्कुलेशन होने में रुकावट आने लगती है। ठंड के कारण भी त्‍वचा में मौजूद कोशिकाएं और नसें सिकुड़ने लगती हैं जिससे हार्ट पर्याप्‍त स्‍पीड में ब्‍लड को पंप नहीं कर पाता है। यह स्थिति और बढ़ने पर पेशेंट को हार्ट अटैक पड़ जाता है।

अगर आप हार्ट पेशेंट हैं तो जनवरी और फरवरी में अपनी सेहत का खास ख्‍याल रखें। चिकित्‍सकों के अनुसार इस मौसम में अर्ली मॉर्निंग वॉक पर न निकलें और धूप में 1 घंटे जरूर बैठें। भोजन में फैट बढ़ाने वाले तत्‍वों का इस्‍तेमाल न करें और फलों का सेवन बढ़ा दें। हरी सब्जियां खूब खांए।

चिकित्‍सक हार्ट की समस्‍या से बचने के लिए एक्‍सरसाइज को बेहद महत्‍वपूर्ण मानते हैं। उनके अनुसार इस मौसम में एक्‍सरसाइज न करना खतरे को दावत देने के बराबर है। ऐसे में शरीर को एक्टिव रखने वाले गेम खेलें और रोजाना करीब एक किलोमीटर पैदल चलने की आदत डालें।  

Posted By: Rizwan Mohammad

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