नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। हरे रंग की छोटे-छोटे दानों वाली मीठी मटर सर्दी की खास सब्जी है जिसे ज्यादातर लोग खाना पसंद करते हैं। मटर खाने में जितनी टेस्टी होती है उतनी ही सेहत के लिए फायदेमंद भी होती है। इसमें मौजूद पोषक तत्वों की बात करें तो उसमें विशेष रूप से फाइटोन्यूट्रिएंट्स, ल्यूटिन और ज़ेक्सैन्थिन और विटामिन A,B,C,E और K मौजूद होता है, जो सेहत के लिए बेहद उपयोगी है। इनमें मौजूद फाइबर पाचन को दुरुस्त रखता है। इसमें वसा की मात्रा ना के बराबर होती है जो वेट को कंट्रोल रखती है। यह दिल की सेहत के लिए भी फायदेमंद है, इसमें थोड़ा भी कोलेस्ट्रॉल नहीं होता हैं। इतनी गुणकारी मटर का सेवन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है।

कई बार हम मटर खरीदते समय धोखा खा जाते हैं और असली की जगह कृत्रिम मटर खरीद लेते हैं जो देखने में हुबाहू असली मटर की तरह होती है लेकिन उसका स्वाद बिल्कुल अलग होता है। कृत्रिम मटर यानि रंग चढ़ी हुई नकली मटर जिसे पकाने पर उसके छिलके अलग हो जाते हैं और उसका रंग हल्का पड़ जाता है। आप भी मटर खरीदते समय धोखा खा जाती है तो FSSAI यानि भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण द्वारा सुझाए गए सुझाव से असली और नकली मटर की पहचान करके ही मटर को खरीदें। आइए जानते है इन सर्दियों में मटर का सेवन करने से पहले असली और नकली मटर की पहचान कैसे करें।

FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) ने हरी मटर में रंग मिलावट का परीक्षण करने के लिए सरल तरीका बताया है

एक कांच के गिलास में कुछ हरे मटर के दाने डालें उसके बाद गिलास में पानी डालें और उसे अच्छी तरह मिलाएं और आधे घंटे तक इंतजार करें।

अगर मटर असली है तो मटर रंग नहीं छोड़ेगी। जिन मटर में मिलावटी रंग चढ़ा होगा उससे गिलास का पानी हरा हो जाएगा।

आप भी असली और नकली मटर का पता लगाना चाहते हैं तो इस आसान तरीके से मटर की शुद्धता की जांच करें। 

Edited By: Shahina Noor