नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Green Chillies Benefits: भारतीय खाना तरह-तरह के स्वाद से भरा हुआ है। आपको हर निवाले में यहां के बेमिसाल मसालों का स्वाद आएगा। भारतीय व्यंजनों में खूशबूदार और ज़ायके से भरपूर मसालों के साथ हरी मिर्च का इस्तेमाल भी अहम होता है। हरी मिर्च को अक्सर देसी सलाद, रायते, चटनी, सब्ज़ी आदि में इस्तेमाल किया जाता है। दाल-चावल हों, पुलाओ या फिर परांठा, हरी मिर्च इन सभी खानों का स्वाद बदल देती है।

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी पसंदीदा मिर्च कैसे मेटाबॉलिज़म को बढ़ाने का काम करती है और वज़न घटाने में भी मदद करती है। हरी मिर्च डिब्बाबंद लाल मिर्च पाउडर का अच्छा विकल्प साबित हो सकती है। हरी मिर्च, कैप्साइसिन जैसे एंटी-ऑक्सीडेंट्स, आयरन, विटामिन-सी, विटामिन-ए, पोटैशियम और डायट्री फाइबर भरपूर होती है।

क्या हरी मिर्च से वज़न घटाने में मदद मिल सकती है?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, हरी मिर्च मेटाबॉलिज़्म को 50 प्रतिशत तक बढ़ावा दे सकती है। हरी मिर्च खाने से शरीर का तापमान बढ़ता है, मेटाबॉलिक रेट बढ़ता है और ब्लड सर्क्यूलेशन बेहतर होता, जिससे वज़न घटाने में मदद मिलती है। शोध यह भी बताते हैं कि तीखा खाना आपकी भूख को कम करता है और लंबे समय तक आपका पेट भरा रखता है, जिससे आप कैलोरी का सेवन कम करते हैं। ये सब्ज़ी कैलोरी के मामले में भी काफी कम होती है, जो वज़न कम करने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए फायदेमंद साबित होगी।

वज़न घटाने के लिए, एक्सपर्ट्स का मानना है कि हरी मिर्च को काटकर सब्ज़ी में मिलाएं और इसे लाल मिर्च पाउडर की जगह इस्तेमाल करें। इसके अलावा आप हरी मिर्च को अचार, रायता, सलाद या फिर दाल, ढोकला या दही के लिए तड़के के रूप में भी इस्तेमाल की जा सकती है।

क्या हरी मिर्च डायबिटीज़ के जोखिम को कम कर सकती है?

टाइप-1, टाइप-2 या जेस्टेशनल डायबिटीज़ के लिए ज़िम्मेदार प्रमुख कारकों में से एक है मेटाबॉलिक सिंड्रोम और खराब रक्त शर्करा का स्तर है। हरी मिर्च के मेटाबॉलिज़्म बढ़ाने और वज़न घटाने वाले गुणों का फायदा सीधे तौर पर डायबिटीज़ के कम जोखिम से जुड़ा हुआ है।

इन बातों का रखें ख्याल

हरी मिर्च खाने से सेहत को कई तरह के फायदे पहुंचते हैं, लेकिन कितना खाना है इसपर भी ध्यान देना ज़रूरी है। सब्ज़ी, रायता, तड़का या कोई भी चीज़ हो, एक दिन में सिर्फ 12 ग्राम हरी मिर्च ही खाना सुरक्षित और फायदेमंद है। इसके अलावा इससे पेट दर्द, पेट में ऐंठन, डायरिया, और कई तरह की त्वचा से जुड़ी एलर्जी हो सकती हैं।

Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

Edited By: Ruhee Parvez