नई दिल्ली, जेएनएन। कोरोना की दूसरी लहर का यह वक्त कई लोगों पर कहर बनकर टूटा है। बहुत से लोगों के दिलों-दिमाग पर बीमारी, इलाज के दौरान की तकलीफ के साथ ही अपनों से बिछड़ने का गम हावी है। ऐसे में इन बुरी यादों को भुलाकर जीवन में आगे बढ़ना भी बेहद जरूरी है। इसलिए कोरोना का इलाज कर ठीक हो चुके लोग अपनी शारीरिक सेहत के साथ मानसिक सेहत का ख्याल भी जरूर रखें। ऐसे लोगों के लिए मनोवैज्ञानिकों के इस टिप्स बेहद काम आएंगे, जो यादों को भुलाने में कारगर साबित होते हैं।

1. बुरे विचारों को दूर भगाएं

साइंटिफिक अमेरिकन माइंड में 2012 में प्रकाशित एक शोध के मुताबिक आप अपने मस्तिष्क से उन चीजों को मिटा सकते हैं जिनकी आपको जरूरत नहीं है या आप नहीं चाहते हैं। आप बुरे विचारों को दूर कर सकते हैं। जैसे ही आप को बीती बातें याद आएं आप वह सोचने से इनकार कर दें। बेहतर होगा कि अपने दिमाग को खाली रखने (कुछ न सोचने) का प्रयास करें। लेखिका इंग्रिड विकेलग्रेन के मुताबिक शोध साबित करते हैं कि इस तकनीक से हम बुरी यादों को भूल सकते हैं। मस्तिष्क के प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स हिस्से में यह क्षमता होती है। दिमाग का यही हिस्सा हमें अनुचित कार्य से भी रोकता है। पर जिस तरह कुछ लोग अपने बुरे बर्ताव को रोकने में दूसरों की तुलना में ज्यादा सक्षम होते हैं, उसी तरह कुछ लोग अपनी यादों को दबाने में भी बेहतर होते हैं। पर अगर आप प्रैक्टिस करेंगे तो आप यादों को भुला देंगे।

2. ये बार-बार करें

अगर आपको भूलना सीखना है लगातार रोज आपको दिमाग को इसकी ट्रेनिंग देनी होगी। एक लंबी अवधि में, इस मानसिक ब्लॉक का अभ्यास करने से आपके कौशल में सुधार हो सकता है। मनोवैज्ञानिक टेस्ट में पाया गया है कि मेंटल ब्लाकिंग करने वाले लोग बुरे विचारों को भूलने में बेहतर होते हैं।

3. कुछ नया सोचें

सिर्फ बुरी यादों को सिर्फ दिमाग के डस्टबिन में भेजने से काम नहीं चलेगा। आप कुछ नया सोचने का प्रयास करें। अपनी अच्छी यादों के बारे में सोचें। अपनी यादगार यात्रा, अच्छे अनुभवों को दिमाम में दोहराएं।

4. कुछ और करने लगें

अगर दिमाग में पुराने विचार या यादें आ रही हैं तो तुरंत उठकर कुछ करने लगें। जैसे-फोन उठा लें या टहलने के लिए निकल जाएं। आसपास मौजूद लोगों, अजनबियों से बात करने का प्रयास करें। इससे आपका ध्यान भंग होगा। मनोवैज्ञानिक कहते हैं कि इससे भूलने की ताकत बढ़ती है।

5. पढ़ें

दिमाग से चीजें आप निकालना चाहते हैं तो बेहतर होगा कि उसकी जगह दिमाग में वह डालें जो आप रखना चाहते हैं। अगर आप कुछ पढ़ेंगे, सीखेंगे या सूचना ग्रहण करेंगे तो दिमाग उनके बारे में सोचेगा।

6. यादों से जुड़े लोगों से दूरी बना लें

अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति से मिलने वाले हैं जो आपको पिछले अनुभवों की याद दिलाएगा तो बेहतर होगा कि उस दिन से पहले ही दिमाग से कहें कि मुझे वे बातें याद नहीं रखनी हैं। ये भी बेहतर होगा कि ऐसे लोगों से कुछ समय के लिए दूरी बना लें। वहीं दूसरों को माफ करना सीखें। इससे भी आप बुरी यादों से दूर होंगे। 

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